Old Website
मुख्य पृष्ठ
यूज़र लॉगिन

  • slider html
1 2 3 4 5 6 7 8
jquery slider plugin by WOWSlider.com v7.6
 
जन अभियान परिषद्, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, म.प्र. शासन
  • ग्रामीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। गाँवों में लोगों को आवश्यकता की चीजें उपलब्ध हों साथ ही उनके पास रोजगार हो इसके लिए अनेक योजनाएँ गाँवों में क्रियान्वित हो रही है। इन योजनाओं का लाभ लोगों तक पहचे यह सुनिश्चित करना आज की सबसे बडी आवश्यकता है। ऐसा करना सिर्फ सरकार के द्वारा संभव नहीं है। सरकार के साथ स्वयंसेवी संगठन और जनता की सक्रिय भागीदारी हो यह भी जरूरी है,तभी गाँवों के संपूर्ण विकास का हमारी सरकार का सपना पूरा हो सकेगा। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद् की स्थापना का उद्देश्य यही है कि ग्रामीण विकास के क्षेत्र में स्वयंसेवी संस्थाएँ और लोगों की भागीदारी हो । यह कार्य बेहतरऔर प्रभावी हो,इस कार्य में परिषद् महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी ।
    मुझे आशा है कि मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद् की सक्रियता से हम गाँवों के विकास का हमारा जो लक्ष्य है उसे पूरा कर सकेगें|

    श्री शिवराज सिंह चौहान
    मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन
    अध्यक्ष म.प्र.जन अभियान परिषद्









  • डॉ. गौरीशंकर शेजवार
    मंत्री , वन, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी,म.प्र. शासन
    उपाध्यक्ष, म.प्र.जन अभियान परिषद्

  • जन संगठन समाज के अंग है|वे समाज के वास्तविक प्रतिनिधि हैं|वे जन से,जमीन से जुड़े होते हैं|स्थानीय सोच,समझ,मानसिकता से अवगत होते हैं|अतः स्वैच्छिक संगठनों की सहभागिता विकास योजनाओं को परिणाममूलक बना सकती है|समाज की समरसता की दृष्टि से माननीय मुख्यमंत्री जी समाज की अंतिम पंक्ति तक समाज निर्माण करनाचाहते हैं|प्रदेश निर्माण की इस संकल्पना में जन संगठनों की प्रभावी भूमिका हो सकती है|


    श्री प्रदीप पाण्डेय
    उपाध्यक्ष, म.प्र. जन अभियान परिषद्

  • स्‍वैच्छिक संगठन भी समाज के ही अंग हैं, जो समाज के चहुमुखी विकास के लिये कृतसंकल्पित होकर विकास की नई परिभाषाएं गढ़ रहे हैं। परिषद ने शासन व समाज के मध्यथ सेतु का कार्य करते हुए स्‍वैच्छिक भाव से कार्य करने वाले लोगों को तैयार किया है। जिनके द्वारा प्रदेश के गांव-गांव में सामूहिकता एवं सहभागिता से आओ बनाएं अपना मध्यप्रदेश के नौ बिंदुओं पर महत्व पूर्ण कार्य किये जा रहे हैं। ग्रामीणजन भी अपनी जरूरत अपने कार्य की तर्ज पर सामूहिकता के भाव का संदेश दे रहे हैं। वहीं परिषद द्वारा गठित एवं पोषित प्रस्फुटन/नवांकुर समितियां भी अपने कार्यों के माध्यम से लोगों में स्वैंच्छिकता का भाव जागृत करने में सफल हो रही हैं। गौरतलब है कि वर्तमान में परिषद की पहुंच प्रदेश के लगभग 22 हजार गांवों तक हो चुकी है। प्रयास है कि प्रदेश के सम्पूंर्ण ग्रामों में परिषद की पहुंच हो, जिसके लिये लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इन्हीं शुभकामनाओं और आशाओं के साथ ....

    श्री राघवेन्द्र गौतम
    उपाध्यक्ष, म.प्र. जन अभियान परिषद्


समाज के समग्र विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु शासन सदैव तत्पर रहा है। संगठनात्मक सीमाओं के भीतर यह सराहनीय प्रयास भी अपने अंतिम उद्देश्य की प्राप्ति में अपर्याप्त रहे है । इस दिशा में अपने व्यवस्थागत ढॉचे का अतिक्रमण कर शासन ने स्वैच्छिक संगठनों के अस्तित्व को मान्यता दी है। जनता और सरकार के बीच सेतु के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं और सामुदायिक संगठनों को विकास की सशक्त इकाई के रूप में विकसित करने के उद्देश्य हेतु ’’मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद्‘‘ का गठन किया गया है। यह परिषद् शासन को सलाह देने,सामुदायिक भागीदारी प्रोत्साहित करने,स्वयंसेवी संस्थाओं से संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी समेकित कर,नीतियों के क्रियान्वयन के लिये एक समन्वयक अभिकरण के रूप में कार्य करेगी। म. प्र. जन अभियान परिषद्,मध्यप्रदेश सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम,1973 के अंतर्गत दिनांक 04.07.1997 को पंजीकृत की गयी है। संस्था का पंजीयन क्रमांक 4964/97है।

श्री उमेश शर्मा,
कार्यपालक निदेशक

नवीनतम सूचनाएँ
त्वरित संपर्क
नाम :
फ़ोन न. :
ई मेल :
पता :
सुझाव / प्रश्न :
 
फोटो गैलेरी
   
आदेश/परिपत्र
महत्वपूर्ण विभागीय लिंक
 
Powered by IT'Fusion Best View Resolusion : 1024 x 768
Total Visits Online Count
All Copy Rights are Reserved @ MPJAP Best View Browser : IE6 , Chrome