विकास के श्रेष्ठतम परिणामों के लिए आवश्यक है कि उससे जुडे हुए, प्रत्येक व्यक्ति का कार्य स्पष्ट हो और उसके कार्य व अस्तित्व को सही मान मिले। जब तक व्यवस्था में आयोजकों और आयोजितों के बीच भेद की रेखा दिखाई देगी किसी भी योजना का अधिकतम लाभ वांछितों तक पहुँच पाना असंभव है। इसलिए म.प्र. जन अभियान परिषद् ने अपनी कार्यशैली को यथा संभव सहज बनाने का प्रयास किया है। जन दर्शन पर आधारित म.प्र. जन अभियान परिषद् की कार्यशैली में सहजता से संपर्क, आत्मीयता एवं योजनाओं का सरलीकृत प्रस्तुतिकरण समाहित है, ताकि सभी संबंधित लोगों में हर स्तर पर समझ विकसित हो। समझ विकसित होने पर ही चेतना का वह बिन्दु उभरेगा, जो भावी विकास का स्वरूप धारण करेगा। अतः अपने से जुडे संगठनों, समूहों और व्यक्तियों से मित्रवत और आत्मीय व्यवहार रखना परिषद् की कार्य प्रणाली का महत्वपूर्ण बिंदू है। परिषद् की कार्यशैी सरल और पारदर्शी है। इसमें विचारों की सकारात्मकता और व्यवहार में विश्वसनीयता पहली प्राथमिकता है। शासन को सझाव देने, सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने, संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी व योजनाओं के क्रियान्वयन के अपने मुख्य कार्यों को संपादित करते हुए परिषद् संबंधित सभी पक्षों के प्रति प्रामाणिक रहने का उत्तरदायित्व भी निभाएगी। कार्यों की तत्परता और निर्णयों मे त्वरितता को अंगीकार कर म.प्र. जन-अभियान परिषद्, जहाँ अपने से जुडे सभी व्यक्तियों में विश्वसनीयता उत्पन्न करेगी, वहीं उन सबके बीच आपस में आत्मीय भाव का संचार करने का प्रयास करेगी।
परिषद् अपनी सम्पूर्ण कार्यशैली में सकारात्मक समालोचना द्वारा उत्कृष्टता का प्रयास करेगी। संगठनों की समर्थता को स्वीकार करते हुए, उनके साथ मिलकर समाज का विकास ही परिषद् की कार्यशैली का मूल आधार है। हमें समग्र विकास की अवधारणा को साकार करने के लिये समाज एवं संगठन में संवाद और कार्यविस्तार की ऐसी सहज-सरल गंगा बहाना है, जिससे जन- जन जुडकर विकसित हो सके।
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