म.प्र. शासन के अनेक अभिनव प्रयासों में एक और विशिष्ट सोपान जुड़ रहा है। संपूर्ण प्रदेश के स्वैच्छिक संगठनों एवं प्रस्फुटन समितियों के सदस्यों को शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं, बेटी बचाओं अभियान एवं प्रदेश के समग्र विकास में उनकी भूमिका, उनसे अपेक्षाएँ, सूचना संप्रेषण एवं क्षमता संवर्धन पर स्वैच्छिक संगठन संवाद-२०११ आयोजित किया जा रहा है।
- सूत्र वाक्य
१. विकास में जन भागीदारी
२. समाज का उद्धार - जन भागीदार
३. समाज का उद्धार - जन जन भागीदार - उद्देश्य
पूरे प्रदेश के स्वैच्छिक संगठनों वं जन अभियान परिषद् की समितियों की बेटी बचाओं अभियान एवं अन्य शासकीय योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन में भूमिका, अपेक्षाओं, सूचना संप्रेषण एवं क्षमता संवर्धन पर संवाद।
- कार्यक्रम की रूपरेखा
- पूरे प्रदेश में ५ हजार सक्रिय स्वैच्छिक संगठनों सहित जन अभियान परिषद् की समितियों के कुल ३५-४० हजार प्रतिभागी शामिल होंगे।
- जंबूरी मैदान पर उनके रूकने, आनुषांगिक प्रयोजनों, पार्किंग, भोजन पैकेट वितरण की व्यवस्था।
- कार्यक्रम स्थल - गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बरखेड़ा का प्रांगण।
- जन अभियान परिषद् द्वारा एक प्रदर्शनी, जिसमें परिषद् के नवाचारों का प्रदर्शन।
- म.प्र. के समग्र विकास से संबंधित एक प्रदर्शनी, जिसमें सभी विभागों की प्रतिभागिता।
- बेटी बचाओं अभियान से संबंधित एक प्रदर्शनी।
- प्रथम खण्ड - प्रतिभागियों के Value Addition के लिए उद्देश्य अनुरूप प्रबोधन एवं साहित्य वितरण। (समय लगभग १.३० घंटे)
- द्वितीय खण्ड - माननीय मुखयमंत्री जी एवं अन्य वरिष्ठजनों का आगमन एवं तीनों प्रदर्शनियों का अवलोकन तत्पश्चात प्रतिभागियों से संवाद एवं प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान। (समय लगभग १.३० घंटे)
- तृतीय खण्ड - कार्यक्रम के उद्देश्य पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम।
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........... स्वैच्छिक संगठन संवाद के संबंध में 
प्रदेश विकास के लिए समाज को खड़ा करना होगा - श्री चौहान
रवीन्द्र भवन में आओ बनाएं अपना मध्यप्रदेश पर कार्यक्रम का आयोजन
भोपाल/25 अप्रैल 2011
प्रदेश का विकास तब तक नहीं हो सकता जब तक उसमें समाज शामिल न हो। प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए समाज को खड़ा करना होगा और समाज को खड़ा करने का उपकरण है म.प्र. जन अभियान परिषद्। यह बात प्रदेश के मुखयमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जन अभियान परिषद् द्वारा आयोजित आओं बनायें अपना मध्यप्रदेश पर आयोजित कार्यक्रम में रवीन्द्र भवन सभागार में २५ अप्रैल २०११ को कही। उन्होंने जन अभियान परिषद् के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जन अभियान परिषद् ने गाँव-गाँव में काम खड़े किये हैं। जन अभियान परिषद् की प्रस्फुटन समितियों ने पूर्ण सी.एफ.एल. गाँव बनाये हैं। बिजली चोरी रोकने का प्रयास किया है, गाँवों को नशामुक्त किया है। जन संरचनायें खड़ी की हैं। वृक्षा रोपण का सफल प्रयास किया है। इसीलिये सरकार द्वारा आयोजित जलाभिषेक अभियान, स्कूल चलें हम अभियान, खरीफ अभियान और स्पर्श अभियान में जन अभियान को प्रमुख भूमिका निभानी है।
श्री चौहान ने आह्वान किया कि जन अभिषेक अभियान में जल की एक-एक बूंद को बचाना है। चेकडेम, स्टॉप डेम, बोरी बंधान, खेत में तालाब बनाकर जल रोकने का प्रयास करना है। श्री चौहान ने चारों अभियानों पर बोलते हुये कहा कि स्कूल चलें हम अभियान में ऐसे जुटना है कि एक भी बच्चा स्कूल जाने से वंछित न रहे। कृषि का उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि महोत्सव आज से ही शुरू करना है। खरीफ की फसल को डेढ गुना बढ आना है। उसके लिए यथोचित प्रयास किये जायेंगे। परम्परागत खेती के अलावा, जैविक खेती, वन फूलों की खेती, सब्जियों की खेती, औद्योगिक खेती को बढ आने के साथ प्रदेश को श्वेत क्रांति की ओर ले जाना है। स्पर्श अभियान मानवीय अभियान है। समाज के निःशक्त जनों के लिए चलो जलायें दीप वहां जहां अभी अंधेरा है, उनके जीवन में स्पर्श अभियान से रोशनी लाना है।
मुखयमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आगामी तीन वर्षों में मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए जरूरी है कि सरकार और समाज मिलकर कार्य करें। जन अभियान परिषद् और स्वयं सेवी संस्थायें ऐसे लोगों को आगे बढ़ायें जो मिशन के रूप में समाज की सेवा के लिये तत्पर हो। समाज में ऐसी सोच विकसित की जाए जो सामूहिकता, सहभागिता पर कार्य करें।
उन्होंने नशामुक्ति को लेकर घोषणा की कि मध्यप्रदेश की धरती पर नई शराब की दुकान नहीं खुलने दी जायेगी। अन्त में श्री चौहान ने जन अभियान परिषद् के समन्वयकों और स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधियों से कहा कि आप लोग काम के लिये प्रतिबद्ध हैं, कटिबद्ध हैं, संकल्पबद्ध हैं। आपको स्वर्णिम मध्यप्रदेश निर्माण में सक्रिय भूमिका का निर्वहन करना है।
भविष्य में जन अभियान परिषद् निभायेगा महत्वपूर्ण भूमिका - श्री राघवजी भाई
वित्त, योजना आर्थिक एवं सांखियकी विभाग मंत्री एवं म.प्र. जन अभियान परिषद् के उपाध्यक्ष श्री राघवजी भाई ने कहा कि आओ बनायें अपना मध्यप्रदेश के तहत जो चार महाभियान (जलाभिषेक अभियान, स्कूल चलें हम अभियान, खरीफ अभियान और स्पर्श अभियान) चलाए जा रहे हैं उनमें म.प्र. जन अभियान परिषद् की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जन अभियान परिषद् ने हरियाली को लेकर किये जाने वाले वृक्षा रोपण में महती भूमिका का निर्वहन किया है। जिसके परिणाम सामने हैं। कार्य को पूर्ण रूप से सफलता तब तक नहीं मिल पाती जब तक कि वह सैद्धांतिक रूप से न किये जाये। साथ ही उन्होंने म.प्र. जन अभियान परिषद् द्वारा किये जा रहे कार्यों की सराहना की।
प्रदेश के विकास के लिए जन अभियान परिषद् नींव का पत्थर- श्री गोपाल भार्गव

म.प्र. जन अभियान परिषद् द्वारा आज रवीन्द्र भवन में आओ बनायें अपना मध्यप्रदेश पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर मुखय अतिथि सामाजिक न्याय एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रदेश के विकास, तरक्की और समृद्धि के लिए म.प्र. जन अभियान परिषद् नींव का पत्थर साबित हो रहा है। आज सरकार द्वारा आओ बनायें अपना मध्यप्रदेश के तहत जो चार महाभियान चलाए जा रहे हैं उनमें म.प्र. जन अभियान परिषद् की महत्वपूर्ण भूमिका साबित होगी।
श्री भार्गव ने कहा कि मुखयमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की इच्छा है कि प्रदेश में प्रगति का ऐसा खाका तैयार हो जिसका दूसरे राज्य अनुसरण करें। श्री भार्गव ने जलाभिषेक अभियान पर बोलते हुए कहा कि जल संरक्षण हेतु हमने बहुत कुछ किया है लेकिन अभी भी हम लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सकें हैं। इसके लिए हम सबको आगे आकर और अधिक कार्य करने हैं। वहीं स्कूल चलें हम अभियान की रूपरेखा पर उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि आगामी वर्षों में राज्य में एक भी बच्चा शाला में अप्रवेशी न रहे और यह सिर्फ सरकार के भरोसे नही हो सकता। इसके लिए जन भागीदारी की जरूरत है। इस अभियान को सतत चलाने की आवश्यकता है।
खरीफ महाभियान पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में खरीफ फसलों का उत्पादन डेढ़ गुना करने पर प्रयास करना है। इसके लिए गाँव स्तर पर अभियान चलाकर जागरूकता की आवश्यकता है। इसमें म.प्र. जन अभियान परिषद् की भूमिका अग्रणी रहेगी। इसके अलावा श्री भार्गव ने स्पर्श अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि इस अभियान के तहत जिलों व विकासखण्ड स्तर पर शिविर लगाकर ऐसे लोगों का चिन्हांकन करना है जो विकलांग हैं और जिन्हें सरकारी मदद की जरूरत है। इसके तहत आम आदमी को जोड ना है। यह कार्य म.प्र. जन अभियान परिषद् से बेहतर कोई नही कर सकता। अंत में श्री भार्गव ने कहा कि इन सभी महाभियानों में म.प्र. जन अभियान परिषद् सहयोगी बने। राज्य सरकार किसी भी प्रकार की कमी नही आने देगी। इस अवसर पर श्रीमती अर्चना चिटनीस स्कूल शिक्षा मंत्री, डॉ. रामकृष्ण कुसमारिया कृषि मंत्री, श्री अजय विश्नोई पशुपालन मंत्री भी उपस्थित थे।
स्वरूप बदलने के लिए दृष्टि होनी चाहिए - श्री पाण्डेय

इससे पहले कार्यक्रम के स्वागत भाषण में म.प्र. जन अभियान परिषद् के उपाध्यक्ष श्री प्रदीप पाण्डेय ने कहा कि प्रदेश के स्वरूप को बदलने के लिए दृष्टि की आवश्यकता है। इसमें हमारी क्या भूमिका हो सकती है इस पर विचार करने की जरूरत है। श्री पाण्डेय ने कहा कि आज की इस कार्यशाला में यही बात निकलकर आएगी। हमारी प्रवृत्ति ग्रहण करने की होनी चाहिए। उन्होंने मुखयमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के स्वर्णिम म.प्र. निर्माण के संकल्प पर बोलते हुए कहा कि इन चारों अभियानों के तहत हम प्रदेश का स्वरूप बदलेंगे। इस मंच से मिलने वाले मार्गदर्शन हमारे लिए प्रेरणादायी होंगे।
रोशनी से अंधेरा मिटाना है - डॉ. मेहता
म.प्र. जन अभियान परिषद् के उपाध्यक्ष डॉ. अजय शंकर मेहता ने कहा कि हमारे सामने जो अंधेरा है उसे रोशनी से मिटाना है। कार्यक्रमों के माध्यम से रोशनी फैलाना है। उन्होंने म.प्र. जन अभियान परिषद् के सदस्यों से आह्वान करते हुए कहा कि हमे कुछ करने के लिए आगे ही चलना है।
कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में जन अभियान परिषद् की महत्वपूर्ण भूमिका - श्री के. सुरेश
योजना एवं सांखियकी विभाग के प्रमुख सचिव श्री के. सुरेश ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जलाभिषेक, स्कूल चलें हम, खरीफ और स्पर्श अभियानों के सफल क्रियान्वयन में म.प्र. जन अभियान परिषद् की महत्वपूर्ण भूमिका साबित होगी। इन अभियानों के माध्यम से गाँव समृद्ध होंगे व विकास का नया इतिहास रचा जाएगा।
स्वर्णिम मध्यप्रदेश निर्माण के लिए चलाये जा रहे आओ बनायें अपना मध्यप्रदेश महा अभियान को गति देने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में जल अभिषेक अभियान, स्पर्श अभियान, स्कूल चलें हम अभियान, खरीफ अभियान के तहत अभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई।
उल्लेखनीय है कि आगामी माह में चलाये जाने वाले इन महत्वपूर्ण अभियानों के मध्य समन्वय हेतु जन अभियान परिषद् को दिशा निर्देश दिये गए। कार्यक्रम में म.प्र. जन अभियान परिषद् की कार्ययोजना को लेकर विचार-विमर्श किया गया। इस मौके पर जलाभिषेक अभियान पर श्री उमाकांत उमराव, संचालक राजीव गाँधी जल ग्रहण क्षेत्र, स्पर्श अभियान पर श्री एच.एल. त्रिवेदी आयुक्त पंचायत राज, स्कूल चलें हम अभियान पर श्री मनोज झालानी आयुक्त राज्य शिक्षा केन्द्र एवं खरीफ अभियान पर डॉ. डी.एन. शर्मा संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास ने पावर पाईन्ट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से संबंधित विभागों की कार्ययोजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर म.प्र. जन अभियान परिषद् के सभी संभाग, जिला, एवं विकासखण्ड समन्वयक और स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
सम्पादक ज.अ.प.
म.प्र. जन अभियान परिषद्
भोपाल
म.प्र. जन अभियान परिषद् की शासी निकाय की बैठक सम्पन्न
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में म.प्र. जन अभियान परिषद् की शासी निकाय की बैठक विधानसभा समिति कक्ष क्रमांक १ में दिनांक २९.३.२०११ को आयोजित की गई। बैठक में परिषद् के कार्यों प्रस्फुटन, समृद्घि, संवाद, नवांकुर तथा विस्तार कार्यक्रमों की प्रगति का विवरण दिया गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री व अध्यक्ष, म.प्र. जन अभियान परिषद् ने प्रगति प्रतिवेदन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि परिषद् द्वारा किये जा रहे अच्छे कार्यों की संभाग व जिलों से भी जानकारी मिलती रहती है। उन्होंने प्रस्फुटन समितियों के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इन समितियों को "आओ बनायें अपना मध्यप्रदेश '' कार्यक्रम में मुख्य भूमिका का निर्वहन करना चाहिए
- मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने म.प्र. जन अभियान परिषद् द्वारा गठित प्रस्फुटन समितियों के कार्यों को सराहा।
- आओ बनायें अपना मध्यप्रदेश कार्यक्रम में प्रस्फुटन समितियों को मुख्य भूमिका निर्वहन करने के निर्देश।
- जन अभियान परिषद् को 82000 बहुविकलांगों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने व बच्चों का शाला में प्रवेश एवं नियमितिकरण में सहयोग करने के निर्देश।
- प्रस्फुटन समितियों को जल संरक्षण अभियान से जोडा जायेगा।
- स्वैच्छिक संगठनों हेतु ड्राफ्ट पालिसी को अनुमोदन उपरांत केबीनेट में रखे जाने की स्वीकृति प्रदाय।
- प्रदेश की पंजीकृत सक्रिय व निष्क्रिय स्वैच्छिक संगठनों का चिन्हांकन व दस्तावेजीकरण के निर्देश।
- तय मापदण्डों अनुसार स्वैच्छिक संगठनों के प्रत्याययन करने के निर्देश दिये गये।
- हर तीसरे माह में मुख्यमंत्री म.प्र. जन अभियान परिषद् के कार्यों की समिक्षा करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में म.प्र. जन अभियान परिषद् की शासी निकाय की बैठक विधानसभा समिति कक्ष क्रमांक १ में दिनांक २९.३.२०११ को आयोजित की गई। सर्वप्रथम म.प्र. जन अभियान परिषद् के नवनियुक्त उपाध्यक्ष डॉ. जय शंकर मेहता एवं श्री प्रदीप पाण्डेय द्वारा मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया। बैठक में म.प्र. जन अभियान परिषद् के कार्यों की समीक्षा की गई तथा वित्तीय वर्ष २०१०११ एवं वित्तीय वर्ष २०१११२ के बजट पर विस्तृत विचार विमर्श हुआ।
बैठक में परिषद् के कार्यों क्रमशः प्रस्फुटन, समृद्घि, संवाद, नवांकुर तथा विस्तार कार्यक्रमों की प्रगति का विवरण दिया गया। साथ ही प्रदेश में पंजीकृत ७७८३० स्वैच्छिक संगठनों के सर्वेक्षण व हरियाली चुनरी योजना हेतु नर्मदा सर्वेक्षण की जानकारी दी गई। प्रदेश के मुख्यमंत्री व अध्यक्ष, म.प्र. जन अभियान परिषद् ने प्रगति प्रतिवेदन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि परिषद् द्वारा किये जा रहे अच्छे कार्यों की संभाग व जिलों से भी जानकारी मिलती रहती है। उन्होंने जन अभियान परिषद् द्वारा निर्मित प्रस्फुटन समितियों के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इन समितियों को आओ बनायें अपना मध्यप्रदेश '' कार्यक्रम में मुख्य भूमिका का निर्वन करना चाहिए। म.प्र. में ६ वर्ष से अधिक आयु के बहुविकलांगों को सहायता अनुदान की पात्रता हेतु गरीबी रेखा से नीचे होने की शर्त समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। जिससे लगभग ८२००० बहुविकलांगों को लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्फुटन समितियों को इस योजना का लाभ बहुविकलांगों को दिलाने तथा शालाओं में छात्रों के शतप्रतिशत प्रवेश व नियमित उपस्थिति हेतु सहयोग करने के निर्देश दिये गये। श्री गोपाल भार्गव मंत्री, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं सामाजिक न्याय विभाग द्वारा प्रस्फुटन समितियों को नदी पुनजीर्वित योजना से जोड़ने का प्रस्ताव दिया गया जिसे मान्य करते हुए मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्फुटन समितियों को आगामी महिनों में जल संरक्षण कार्यों से जुड़ने के निर्देश दिये गए।
प्रदेश के मुख्य सचिव श्री अवनि वैश्य के सुझाव अनुसार प्रदेश में पंजीकृत संगठनों का किये गये सर्वे के आधार पर वास्तविक रूप से कार्यरत एवं कार्य न करने वाले संगठनों को चिन्हांकित कर दस्तावेजीकरण के परीक्षण उपरांत पृथकपृथक सूची तैयार किये जाने के निर्देश दिये गये।
दिनांक १२ अक्टूबर २००९ को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित स्वैच्छिक संगठनों की पंचायत में की गयी घोषणाओं पर कार्यवाही को लेकर अप्रैल माह में संबद्घ विभागों के साथ बैठक आयोजित किये जाने का निर्णय लिया गया। स्वैच्छिक संगठनों हेतु ड्राफ्ट पॉलिसी का अनुमोदन किया जाकर स्वीकृति के लिये केबिनेट के समक्ष रखे जाने की सहमति दी गयी।
बैठक में नवांकुर संस्थाओं के चयन हेतु तैयार किये गये मापदण्डों को स्वीकृति दी गई तथा भविष्य में प्रदेश में स्वैच्छिक संगठनों के प्रत्याययन के लिए भी इसी प्रक्रिया को अपनाने के निर्देश दिये गये।
1 दृष्टि -
परिषद् द्वारा राज्य की समस्त पंजीकृत स्वयंसेवी संस्थाओं का पंजीयन कर उनकी ताकत कमजोरियों व अवसरों, कार्यालय मैदानी कार्य व वार्षिक रिपोर्ट एवं अन्य प्रकाशित दस्तावेजों के आधार पर उक्त संस्थाओं का परीक्षण व मूल्यांकन किया जा रहा है। परिषद् द्वारा स्वैच्छिक संगठनों के प्रत्याययन (।बबतीकपजंजपवद) हेतु भी कार्यवाही की जा रही है।
राज्य में लगभग ८५,८०१ स्वैच्छिक संगठन पंजीकृत है। परिषद् द्वारा इन सभी स्वैच्छिक संगठनों का डोर टू डोर सर्वेक्षण कर इनके कार्य क्षेत्रों की पहचान की जा रही है। माह मार्च २०११ तक ७७,८३० अर्थात ९०.७० प्रतिशत स्वैच्छिक संगठनों का सर्वेक्षण हो चुका है।
2 प्रस्फुटन
-
इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के ग्रामों मै समग्रता की दृष्टि से विकास करने हेतु स्वैच्छिक संगठनों के रूप में कार्य करने हेतु व्यक्तियों की पहचान कर वर्ष २००९-१० तथा वर्ष २०१०-११ में कुल ६२१२ प्रस्फुटन समितियों का गठन किया जाकर प्रत्येक प्रस्फुटन ग्राम को समीपवर्ती ३-४ ग्रामों से जोड़ा गया है जिन्हे स्पंदन ग्राम कहा गया है।
स्पंदन ग्राम वे ग्राम है जो प्रस्फुटन ग्रामों में समग्र ग्राम विकास हेतु की जा रही गतिविधियों से प्रेरित होकर विकास की ओर अग्रसर होते है। इस प्रकार लगभग १८७८० स्पंदन ग्रामों में विकासात्मक गतिविधियाँ आरंभ हो चुकी हैं। प्रतिवर्ष लगभग ३००० समितियों के गठन से आगामी ४ वर्षों में प्रदेश के लगभग १५००० ग्रामों में स्वैच्छिक संगठन उपलब्ध हो जायेंगे जो ग्राम में स्वयं के स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्त, महिला सशक्तिकरण, अधोसंरचना विकास, आर्थिक स्वालंबन आदि मुद्दों पर स्वयं कार्य करते हुए शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में सहायक होंगे। ४ वषों में लगभग ३५००० स्पंदन ग्रामों में भी विकास के सभी आयामों पर ग्रामीण जन की जागरूकता व पहल के आधार पर कार्य होने लगेंगे।
इन समितियों द्वारा स्वैच्छिकता एवं सामूहिकता के आधार पर श्रमदान एवं स्वयं के आर्थिक स्त्रोतों ने माननीय मुख्य मंत्री द्वारा ''आओ बनाए अपना मध्यप्रदेश'' कार्यक्रम के अंतर्गत सुझाए गए ९ विषय जैसे- ऊर्जा संरक्षण, जल संरक्षण, हरियाली, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, नशामुक्ति और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में विविध कार्य किये जा रहे हैं।
इन कार्यो में प्रदेश भर की प्रस्फुटन समितियों द्वारा ऊर्जा संरक्षण के अंतर्गत २१८ गाँवों को शतप्रतिशत सी.एफ.एल. ग्राम बनाया गया, ४२९ बायोगैस संयत्रों एवं २७८८ उन्नत चूल्हों की स्थापना की गई। सी.एफ.एल. ग्रामों में बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जल संरक्षण के अंतर्गत प्रदेश भर में ३४ चेकडेम, १२४८ बोरी बंधान, ४७० तालाबों का गहरीकरण, १२५८ कुओं का गहरीकरण तथा १२२ बावड़ियों के गहरीकरण का कार्य किया गया।
स्वास्थ्य सुधार के लिये स्वास्थ्य विभाग के सहयोग ने २५१९ स्वास्थ्य शिविर लगाये गये। शिक्षा के क्षेत्र में ६८४४२ बच्चों को शाला में प्रवेश दिलवाया गया तथा उनकी शाला में नियमित उपस्थिति भी सुनिश्चित की गई, साथ ही संस्कार केन्द्र/कंप्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र भी स्थापित किये गये है। नशा मुक्ति अभियान के तहत ३६ ग्रामों को पूर्णतः नशामुक्त किया गया है। पर्यावरण संरक्षण के लिये १३,५६,२४१ पौधों का रोपण किया गया तथा उनकी उत्तरजीविता भी सुनिश्चित की गई है। स्वच्छता अभियान के अन्तर्गत ३८,६२९ शौचालयों का निर्माण व १७,१०१ सोख्ता गड्ढ़े बनाये गये है।
4 नवांकुर –
राज्य में नवीन स्वयंसेवी संस्थाओं का उन्मुखीकरण एवं पोषण करना परिषद् की एक प्रमुख गतिविधि है। इनके लिए प्रतिवर्ष प्रत्येक विकासखण्ड में एक, जिला मुख्यालय पर एक, संभाग मुख्यालय पर तीन-तीन बड़े शहरों में - इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में पाँच तथा राज्य की राजधानी में दस नवांकुरित संस्थाओं का चयन कर उनकी रूचि, क्षमता और जरूरतों के अनुसार प्रथम वर्ष में रुपये ५० हजार, द्वितीत वर्ष में रुपये १ लाख और तृतीत वर्ष में रुपये २ लाख का वित्तीय पोषण किया जायेगा। यह संस्थायें उस विकासखण्ड/जिले हेतु लीड स्वैच्छिक संगठन के रूप में कार्य करेंगी। उनके द्वारा इस सहायता का उपयोग प्रस्फुटन समूहों की क्षमता वृद्धि, समुदाय को संगठित करने, प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग एवं शासकीय योजनाओं के सुचारू संचालन में ग्रामीणजन की सहभागिता प्राप्त करने हेतु किया जायेगा।
प्रदेश भर में प्रस्फुटन योजनांतर्गत गठित ६२१२ प्रस्फुटन समितियों में से लगभग २१०० प्रस्फुटन समितियों का पंजीकरण फर्म्स एण्ड सोसायटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट के अंतर्गत कराया गया है।
4 संवाद –
इस योजना के अंतर्गत शासन तथा स्वैच्छिक संगठनों के बीच समन्वय एंव सहयोग के अवसरों की पहचान
करने, विकास की रणनीतियों में आ रहे व्यवधानों को चिन्हित करने तथा परस्पर अनुभवों
के
आदान-प्रदान से विकासात्मक गतिविधियों एंव स्वैच्छिक संगठनों को प्रोत्साहित करने
के उद्देश्य से राज्य, संभाग, जिला और विकासखण्ड स्तर पर बैठकों एंव कार्यशालाओं का
आयोजन किया गया है । अब तक प्रदेश स्तर पर ०३, संभाग स्तर पर ०७ तथा जिला स्तर पर ५० बैठकों का आयोजन किया जा चुका है । प्रत्येक जिले में प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जन
अभियान परिषद् समिति का गठन किया गया है। जिसके अंतर्गत प्रत्येक त्रैमास में समस्त
जिलाधिकारियों तथा शासकीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक होती है जिसमें स्वैच्छिक
संगठनों के सहयोग से किये जा सकने वाले कार्यो का चिन्हांकन किया जाता है तथा उनके
कार्य में आ रही समस्याओं का सामाधान भी किया जाता है। प्रदेश भर में अब तक कुल ७५ त्रैमासिक बैठकों का आयोजन किया गया है।
5 समृध्दि -
इस योजना के अंतर्गत इस वर्ष प्रदेश में प्रत्येक जिले में 25-25 संस्थाओं के मान से कुल १२५० संस्थाओं का चयन प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति द्वारा ग्रेडिंग तथा भौतिक सत्यापन के आधार पर किया गया। इन चयनित संस्थाओं को
विकेन्द्रीकृत योजना निर्माण समुदाय
आधारित अनुश्रवण, सामाजिक अंकेक्षण एंव समयंक विश्लेषण विषयों पर प्रशिक्षित किया
गया है। इस प्रकार अब प्रत्येक जिले में विकास कार्यो हेतु २६५२ स्वैच्छिक कार्यकर्ताओं तथा २५१ स्त्रोत व्यक्तियों का एक
संदर्भ समूह उपलब्ध हो गया है साथ ही विकासखण्ड स्तर पर प्रस्फुटन समितियों एवं स्वयंसेवी संगठनों को मार्गदर्शन वे प्रशिक्षण देने हेतु स्त्रोत व्यक्तियों की उपलब्धता भी सुनिश्चित हुई है। प्रदेश में ३१३ विकासखण्डों में लगभग ६२१२ प्रस्फुटन समितियों के क्षमतावर्धन हेतु ३ दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।
6 विस्तार -
अन्तर्गत मैदानी स्तर पर लोगों में स्वतः प्रेरणा जागृत कर विकासात्मक गतिविधियों
के संचालन में जन भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्यों से शिक्षा, स्वास्थ्य, जल
संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, वृक्षारोपण, नशामुक्ति, स्वच्छता आदि विषयों पर समुदाय में
जागरूकता लाने हेतु जमीनी स्तर पर जन अभियान चलायें जा रहे है।

माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा स्वयंसेवी संगठनों की पंचायत में की
गई
घोषणओं पर कार्यवाही
स्वैच्छिक संगठनों
के लिए नीति –
प्रदेश में
स्वैच्छिक संगठनों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टास्क फोर्स
का गठन किया गया। टास्क फोर्स ने स्वयंसेवी संस्थाओं से व्यापक विचार विमर्श कर
नीति का प्रारुप राज्य शासन को प्रस्तुत किया है।
स्वैच्छिक
संस्थाओं का पंजीकरण –
स्वैच्छिक
संस्थाओं के पंजीकरण हेतु वैब आधारित एकीकृत प्राणाली की स्थापना हेतु कार्यवाही की
जा रही है, जिसमें समस्त नियम, प्रारूप एंव प्रक्रिया उपलब्ध होगी। संस्थाओं को
केवल एक ही स्थान पर पंजीकरण कराने से समस्त विभागों में मान्यता मिलेगी।
स्वैच्छिक
संस्थाओं का प्रत्यायन –
मध्य प्रदेश जन
अभियान परिषद् के माध्यम से प्रदेश में कार्यरत समस्त स्वैच्छिक संस्थाओं का
प्रत्याययन
करने
के लिए
व्यवस्था स्थापित की जा रही है, इससे
संस्थाओं
की
विशेषज्ञता आधारित ग्रेडिंग उपलब्ध हो जाने से शासकीय कार्यक्रम में सम्मिलित होने
में सुविधा होगी।
क्षमता वृध्दि –
प्रदेश
में कार्यरत स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ताओं की कौशल वृद्धि करने के उद्देश्य
से 1250 स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधियों की क्षमता वृद्धि हेतु प्रशिक्षण
कार्यक्रमों का प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित किया जा चुका है
।
सुविधा केन्द्र-
प्रदेश के समस्त संभाग मुख्यालयों पर स्वैच्छिक संगठनों से जुड़े विषयों जैसे
राष्ट्रीय एवं राज्य
स्तरीय
कार्यक्रमों के लिये प्रोजेक्ट तैयार
करने में
मदद उपलब्ध कराने के लिये जन अभियान परिषद् द्वारा सुविधा
केन्द्र
स्थापित किये जा चुके हैं।
कार्यक्रमों की
डायरेक्ट्री-
विभिन्न विभागों द्वारा संचालित कार्यक्रमों की डायरेक्ट्री म.प्र.जन अभियान परिषद्
की वेबसाइट पर अपलोड की जा चुकी है ताकि कार्यों का चिन्हान्कन कर स्वैच्छिक
संस्थायें सकारात्मक भूमिका निभा सकें।
डाटा उपलब्ध कराना
- सभी
प्रकार के शासकीय डाटा स्वैच्छिक संस्थाओं को आसानी से उपलब्ध हो सके, इस हेतु
विभिन्न विभागों से
संबधित
डाटा म.प्र.जन अभियान परिषद् की बेवसाइट पर अपलोड किया जा चुका है।
पुरुस्कारों की
स्थापना
-प्रदेश में उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वैच्छिक संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के
लिये राज्य एवं जिला
स्तरीय
पुरुस्कारों की स्थापना की जा चुकी है । इसमें राज्य स्तर पर तीन पुरूस्कार, क्रमशः
5 लाख, 3 लाख, 1 लाख रुपयं
तथा जिले
स्तर पर 1 लाख रुपये के मान से स्थापित किये गये हैं।
शोध हेतु फेलोशिप-
स्वैच्छिक संगठनों से जुड़े विभिन्न मुद्दों एवं विषयों पर विभिन्न विश्वविद्धालयों
में शोध कार्य किये जाने हेतु प्रतिवर्ष एक लाख रुपये के मान से पाँच फेलाशिप की
स्थापना की गई है।
संभाग स्तरीय सम्मेलन-
स्वयंसेवी संस्थाओं की जमीनी समझ, क्षमताओं के उपयोग व भूमिका को सुनिश्चित करने के
उद्देश्य से
दिनांक 24 अगस्त 2009 को रीवा में कमिश्नर डॉं. रवीन्द्र पस्तौर की अध्यक्षता एवं
विश्वविद्यालय रीवा के कुलपति डॉं. शिवनारायण यादव के मुख्य आतिथ्य में स्वयंसेवी
संगठनों के साथ संभागीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में संभाग की 432
स्वयंसेवी संगठनों क 550 प्रतिनिधि शामिल थे।
स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ जिला स्तरीय बैठकों का आयोजन-
म.प्र.जन अभियान परिषद् द्वारा प्रशासन व स्वयंसेवी संस्थाओं के बीच समन्वय
स्थापित करने के उद्देश्य से प्रदेश भर में जिला स्तर पर स्वयंसेवी संस्थाओं के
साथ माह जुलाई - अगस्त 2009 में बैठकों का आयोजन किया गया ।जिला कलेक्टर, जिला
पंचायत सी.ई.ओ. एवं विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारीयों की उपस्थिति में आयोजित
इन बैठकों में स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्य विस्तार, सुचारू कार्य संचालन, कार्य
में आने वाली समस्यांओं के निराकरण हेतु सुझाव, मार्गदर्शन व निर्देश दिये गये।
नेतृत्व विकास एवं समग्र ग्राम विकास कार्यशाला-
दीनदयाल शोध संस्थान, चित्रकूट म.प्र.जन अभियान परिषद् के संभाग तथा जिला
समन्वयकों की नेतृत्व विकास एवं समग्र ग्राम विकास कार्यशाला दिनांक 18.05.2009
से 21.05.2009 तक दीनदयाल शोध संस्थान, चित्रकूट में आयोजित की गई। कार्यशाला में
प्रशिक्षण के दौरान ही समन्वयकों द्वारा दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा चलाये जा रहे
प्रकल्पों का अवलोकन किया गया।
प्रस्फुटन समूहों द्वारा समग्र ग्रामविकास योजना का क्रियान्वयन-वर्ष
2009-10 में प्रदेश के प्रत्येक 313 विकासखण्डों में दस दस स्वयंसेवी समूहों का चयन
कर प्रस्फुटन समूहों का निर्माण किया गया इन समूहों द्वारा समग्र ग्राम विकास याजना
का क्रियानवयन किया जा रहा है जिसके अंतर्गत प्रस्फुटन समूह के माध्यम से
गाँवों में सक्रिय, जागरुक तथा क्षमतावान व्यक्तियों के द्वारा स्वैच्छिक एवं
सामूहिक आधार पर श्रमदान एवं स्वयं के आर्थिक स्त्रोतों से विविध कार्य किये जा रहे
हैं।
समग्र ग्राम विकास कार्यशाला-
समग्र ग्राम विकास की मूल संरचना और कार्य को मैदानी स्तर पर संचालित करने के उद्देश्य
से परिषद् ने विगत 21 व 22 जनवरी 2009 को समग्र ग्राम विकास कार्यशाला का आयोजन
किया। कार्यशाला में वित्त,योजना व सांख्यकी मंत्री व म.प्र.जन अभियान के उपाध्यक्ष
श्री राघव जी, सांसद श्री अनिल माधव दवे, मध्यप्रदेश याजोना आर्थिक एवं सांख्यकी
विभाग के मुख्य सचिव श्री देवेन्द्र सिंघई का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यशाला
में म.प्र.जना अभियान परिषद् के अशासकीय सदस्य, राज्य कार्यालय के अधिकारी,
कर्मचारी व संभाग, जिला और ब्लाक समन्वयक सम्मिलित हुए।
पत्रिका का नियमित प्रकाशन-
म.प्र.जन अभियान परिषद् द्वारा माह सितम्बर 2008 से पत्रिका का नियमित प्रकाशन किया
जा रहा है। पत्रिका के 18000 सदस्य बनाए गए हैं। पत्रिका की सदस्यता वार्षिक, पाँच
वर्षीय एवं दस वर्षीय है।
एक शाम शहीदों के नाम भारत-माता की आरती
- दिनांक 22 मई से 22 जुलाई 2008 के मध्य, 1857 प्रथममुक्ति संग्राम के 150 वर्ष
आयोजन के अंतर्गत भारत भक्ति संस्थान मुंबई के प्रसिद्ध कलाकार बाबा मौर्य द्वारा
एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम में कथा-कथन तथा भारत माता की आरती का आयोजन 40
जिला मुख्यालयों में सम्पन्न हुआ।
1857 मुक्ति संग्राम पर केन्द्रित नुक्कड़ नाटक-
दिनांक 10 मई से 9 जून 2008 के मध्य, 1857, भारत के प्रथम मुक्ति संग्राम पर
केन्द्रित नुक्कड़ नाटक की 82 नाट्य मण्डलियों द्वारा 2,871 पंचायतों में
प्रस्तुतियाँ हुईं। नुक्कड़ नाटक को प्रदेश भर में 14,63,001 लोगों द्वारा देखा
गया।
1857 प्रथम मुक्ति संग्राम के 150 वर्ष पर क्रांति यात्रा का आयोजन-
म.प्र.जन अभियान परिषद् की व्यापक मैदानी पहुँच व हजारों स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ
नेटवर्किंग को देखते हेए संस्कृति विभाग म.प्र.शासन ने 1857 प्रथम मुक्ति संग्राम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्क्ष में दिनांक 10 मई से 9 जून 2008 के दौरान
आयोजित क्रांति-यात्रा निकाली गई जिसमें 2,66,546 यात्री शामिल हुए। यात्रा के आरंभ
पर 20,25,690 लोगों ने उत्साह पूर्वक बिदाई दी, तथा यात्रा समाप्तिपर 18,77,,596
लोगों द्वारा स्वागत किया गया। क्रांति-यात्रा के दौरान 80 प्रतिशत पंचायतों में
कबड्डी खेल आयोजन हुआ।
- लेखापालों हेतु प्रशिक्षण का कार्यक्रम- माध्यमिक शिक्षा
मण्डल भोपाल में दिनांक 18-19 अगस्त 2008 को कार्यालयीन लेखापालों एवं लेखापाल
सह-लिपिक का दो दिवसीय लेखा संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया
जिसमें जिला, संभाग एवं राज्य स्तर पर कार्यरत् समस्त लेखापालों को
द्विप्रविष्ठी लेखा प्रणाली, लेजर लिखना, नस्ती संधारण कार्य एवं अन्य समस्त
वित्तीय कार्यों की जानकारी वित्तीय सलाहकार श्री जी.पी. जौहरी, उपसंचालक
वित्त, श्री पंकज दुबे, श्री आशाराम त्रिपाठी संयुक्त संचालक वित्त (सेवा
निवृत) के द्वारा प्रदान की गई।
- पत्रिका का नियमित प्रकाशन- म.प्र. जन अभियान परिषद्
द्वारा माह सितम्बर 2008 से पत्रिका का नियमित प्रकाशन किया जा रहा है। अब तक
पत्रिका के 17665 सदस्य बन गए है । पत्रिका की सदस्यता वार्षिक, पाँच वर्षीय
एवं दस वर्षीय है।
- समग्र ग्राम विकास कार्यशाला- समग्र ग्राम विकास की मूल
संरचना और कार्य को मैदानी स्तर पर संचालित करने के उद्देश्य से परषिद् ने विगत
21 व 22 जनवरी 2009 को समग्र ग्राम विकास कार्यशाला का आयोजन किया । कार्यशाला
में वित्त योजना आर्थिक व सांख्यिकी मंत्री व म.प्र. जन अभियान परिषद् के
उपाध्यक्ष श्री राघव जी, भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष एवं सांसद श्री अनिल
माधव दवे, मध्यप्रदेश योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के मुख्य सचिव श्री
देवेन्द्र सिंघई, मध्यप्रदेश योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के उपसचिव श्री
डी.पी. अहिरवार का मार्ग दर्शन प्राप्त हुआ । कार्यशाला में म.प्र. जन अभियान
परिषद् के अशासकीय सदस्य, कार्यपालक निदेशक श्री धीरेन्द्र चतुर्वेदी, राज्य
कार्यालय के अधिकारी, कर्मचारी व संभाग, जिला और ब्लॉक समन्वयक सम्मिलित हुए ।
- प्रस्फुटन समूहों द्वारा समग्र ग्राम विकास योजना का
क्रियान्वयन - सितम्बर 2008 से प्रदेश के प्रत्येक 313 विकासखण्डों में दस-दस
स्वयंसेवी समूहों का चयन कर प्रस्फुटन समूहों का निर्माण किया गया इन समूहों
द्वारा समग्र ग्राम विकास योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है जिसके अंतर्गत
प्रस्फुटन समूह के माध्यम से गाँवों के सक्रिय, जागरूक तथा क्षमतावान
व्यक्तियों के द्वारा स्वैच्छिक एवं सामूहिक आधार पर श्रमदान एवं स्वयं के
आर्थिक स्त्रोतों से विविध कार्य किये जा रहे है। उदाहरणार्थ -
- ऊर्जा संरक्षण - खरगोन जिले के सेगाँव ब्लॉक में
गंधावड गाँव के लोग बिजली की बचत हेतु सी.एफ.एल. बल्ब का ही प्रयोग करते है
जिससे गाँव द्वारा 85 बिजली की बचत की जा रही है ।
- सोख्ता गड्ढा निर्माण।
- वृहद वृक्षारोपण- सम्पूर्ण प्रदेश में प्रस्फुटन
समूहों के माध्यम से 218777 पौधे लगाये गये।
- शाला त्यागी बच्चों को शाला में भेजने के लिए प्रेरित
किया जा रहा है ।
- विभिन्न शासकीय योजनाओं का प्रचार प्रसार-
प्रस्फुटन समूहों द्वारा शासकीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार के साथ पात्र
हितग्राही लाभान्वित हो रहे है ।
- हैण्ड पम्प सुधारना, नालियों की सफाई व अन्य कार्य
- ग्वालियर संभाग में भिण्ड जिले के लहार विकासखण्ड में बराह
गाँव में प्रस्फुटन समूह के माध्यम से 35 मी. की सडक व नाली का निर्माण किया
गया ।
- दमोह जिले के विकासखण्ड हटा में ग्राम उदयपुरा में
प्रस्फुटन वाटिका का निर्माण किया गया जिसमें 250 वृक्ष रोपित किये गये, नाली
निर्माण, बावडी निर्माण, के अलावा योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है । गाँव
के कार्यों का जनपत पंचायत अध्यक्ष व जिला कलेक्टर दमोह द्वारा अवलोकन किया गया
। प्रस्फुटन समूह के कार्यों से संतुष्ट हो कर जिला कलेक्टर ने तालाब निर्माण व
सडक निर्माण में सहयोग की घोषणा की ।
- छतरपुर जिले में बक्सवाहा विकासखण्ड के ग्राम बिजावली में
प्रस्फुटन समूह के मार्गदर्शन में जन सहयोग से तलैया का निर्माण किया गया । इस
तलैया के पानी का उपयोग वृक्षारोपण, पीने व प्रस्फुटन वाटिका हेतु किया जा रहा
है । इसी गाँव में पॉलीथिन मुक्ति का सघन अभियान चलाया जा रहा है ।
- रतलाम जिले में जावरा ब्लॉक के झालवा ग्राम में जन
भागीदारी से तालाब निर्माण किया गया ।
- बालाघाट जिले के प्रस्फुटन ग्राम धारमारा में श्रम दान
द्वारा पुल निर्माण कर आवागमन सुनिश्चित किया गया ।
- स्वास्थ्य- रासेन जिले के सातों विकासखण्डों के 43 ग्रामों
में स्वास्थ्य परिक्षण शिविर लगाये गये ।
- गौ संरक्षण- उज्जैन संभाग में लगभग 35 पशु चिकित्सा
शिविर का आयोजन किया गया।
- उभरता गाँव - सतना जिले में उचेहरा विकासखण्ड के ग्राम
गुढुवा में प्रस्फुटन समूह के माध्यम से साफ-सफाई, जैविक कृषि के लिए प्रेरणा,
शासकीय योजनाओं का प्रसार, मतदाता जागरूकता अभियान, खेल प्रतियोगिता, कृषक
गोष्ठी, नशा मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है ।
- धार्मिक स्थानों का रख रखाव एवं धार्मिक आयोजन।
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन।
- जडी-बुटियों का एकत्रिकरण।
- गाँव का सर्वे कर गाँव की प्राथमिकताएँ तथा
विभिन्न समस्याओं को चिन्हित करना।
- नेतृत्व विकास एवं समग्र ग्राम विकास कार्यशाला - दीनदयाल
शेध संस्थान, चित्रकूट
- म.प्र. जन अभियान परिषद् के संभाग तथा जिला समन्वयकों की
नेतृत्व विकास एवं समग्र ग्राम विकास कार्यशाला दिनांक 18.05.09 से 21.05.09 तक
दीनदयाल शोध संस्थान, चित्रकूट में आयोजित की गई । कार्यशाला में प्रशिक्षण के
दौरान ही समन्वयकों द्वारा दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा चलाये जा रहे प्रकल्पों
का अवलोकन किया गया ।
- संभाग व जिला समन्वयकों हेतु पचमढी में 6 दिवसीय, 28
मार्च 2007 से 2 अप्रेल 2007 तक प्रशिक्षण
शिविर उदय का आयोजन।
- स्वयंसेवी संस्थाओं को म.प्र. जन अभियान परिषद् से जोडने एवं सहभागिता
बढाने के लिए प्रदेश के सातों संभाग में जून-जुलाई 2007 में एक दिवसीय
कार्यशालाओं का आयोजन।
कार्यशालाओं में संपूर्ण म.प्र. की 987 स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी व
सहयोग।
- 23 अगस्त 2007 को स्वयंसेवी संस्थाओं की
प्रादेशिक नीति-निर्माण कार्यशाला
का आयोजन।
- सम्पूर्ण राज्य में कार्यरत 4997 से अधिक स्वंयसेवी
संस्थाओं से व्यक्तिगत संपर्क 3482 स्वंयसेवी संस्थाओं का म.प्र. जन अभियान
परिषद् में पंजीयन, 2479 स्वयंसेवी संस्थओं की ई-डायरेक्ट्री हेतु विस्तृत
जानकारी उपलब्ध।
- 1492 से अधिक स्वयंसेवी संस्थाओं का मैदानी कार्य देखा
गया।
- नर्मदा सर्वेक्षण कार्यक्रम - मध्य प्रदेश जन अभियान
परिषद् ने विकास की आवधारणा में सामुदायिक संगठनों के बेहतर मैदानी क्रियान्वयन
की रणनीति बनाने व नदी के सम्पूर्ण बेसिन में विकास के इकाई की संभावना तलाशने
के लिये नर्मदा सर्वेक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। 15 से 24 दिसम्बर 2007 के
मध्य जन अभियान परिषद् के साथ स्वयंसेवी संस्थाओं के 498सदस्यों ने 10 दिनों तक
म.प्र. के 16 जिलों में बहती नर्मदा नदी के दोनों किनारों पर 10 से 12
व्यक्तियों के समूह में पैदल सर्वेक्षण किया। सर्वेक्षण से प्राप्त परिणामों को
आधार बिदुं बनाकर अंतर्राष्ट्रीय नदी महोत्सव, 2008 के विभिन्न सत्रों में गहन
- विचार मंथन किया जा सका।
- सहयोगी, अन्तर्राष्ट्रीय नदी महोत्सव 2008 - नर्मदा
समग्र द्वारा आयोजित देश में अपनी तरह के प्रथम ’अन्तर्राष्ट्रीय नदी महोत्सव’
08 में म.प्र. जन अभियान परिषद् ने सहयोगी की भूमिका निभाई। 23 से 25 फरवरी
2008 तक बान्द्राभान, जिला होशंगाबाद में आयोजित इस कार्यक्रम में परिषद्
द्वारा किये गए नर्मदा सर्वेक्षण से प्राप्त आंकडों व जानकारी के आधार पर
नर्मदा नदी का सैण्ड मॉडल बनाया गया।
- 1857 प्रथम मुक्ति संग्राम
के 150 वर्ष पर क्रांति यात्रा का आयोजन-
म.प्र. जन अभियान परिषद् की व्यापक मैदानी पहुँच व हजारों स्वयंसेवी संस्थाओं
के साथ नेटवर्किंग को देखते हुए संस्कृति विभाग म.प्र. शासन ने 1857 प्रथम
मुक्ति संग्राम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित क्रांति-यात्रा
के क्रियान्वयन के लिए म.प्र. जन अभियान परिषद् को अधिकृत किया। इस आयोजन के
तहत संपूर्ण प्रदेश की 22,950 पंचायतों में क्रांति-यात्रा निकाली गई जिसमें
2,66,546 यात्री शामिल हुए। यात्रा के आंरभ पर 20,25,690 लोगों ने उत्साह
पूर्वक बिदाई दी, तथा यात्रा समाप्ति पर 18,77,596 लोगों द्वारा स्वागत किया
गया। क्रांति-यात्रा के दौरान 90 प्रतिशत पंचायतों में कबड्डी खेल का आयोजन
हुआ।
- 1857 मुक्ति संग्राम पर
केन्द्रित तथा सुश्री रंजना चितले द्वारा लिखित नुक्कड नाटक- "1857, भारत के
प्रथम मुक्ति संग्राम" की 82 नाट्य मण्डलियों द्वारा 2,871 पंचायतों में
प्रस्तुतियाँ हुईं। नुक्कड नाटक को प्रदेश भर में 14,63,001 लोगों द्वारा देखा
गया।
- ’’एक शाम
शहीदों के नाम भारत-माता की आरती’’- 1857 के 150 वर्ष आयोजन के अंतर्गत
भारत भक्ति संस्थान मुंबई के प्रसिद्ध कलाकार बाबा मोर्य द्वारा ’’एक शाम
शहीदों के नाम’’ कार्यक्रम में कथा-कथन तथा भारत माता की आरती का आयोजन किया
गया।