म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ द्वारा 18 नवम्बर 2011 को प्रदेश के स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन । म.प्र. जन अभियान परिषद् की शासी निकाय की बैठक माननीय मुख्यमन्त्री श्री शिवराज सिंह जी चौहान की अध्यक्षता में दिनांक 29.03.2011 को सम्पन्न । • • • प्रदेश के स्वैच्छिक संगठनों की क्षमता वर्धन हेतु प्रत्येक जिले में से 25-25 स्वयंसेवी संगठनों का चयन किया जाकर प्रशिक्षण कार्यशालाएँ सम्पन्न |
 
स्वैच्छिक संगठनों का संवाद -२०११,समाज का उद्धार, जन-जन भागीदार १८ नवम्बर २०११ को शासकीय गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बरखेड़ा, जंबूरी मैदान के पास, भोपाल में।

कार्यक्रम तीन खण्डों में प्रथम खण्ड- भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन गडकरी व मुख्यमन्त्री श्री शिवराज सिंह चौहान का उद्‌बोधन ।
द्वितीय खण्ड- प्रतिभागियों के वेल्यू एडिशन के लिए उद्‌देश्य अनुरूप प्रबोधन एवं साहित्य विवरण ।
तृतीय खण्ड- सांस्कृतिक कार्यक्रम ।


म.प्र.जन अभियान परिषद् के भोपाल एवं ग्वालियर संभाग के विकासखण्ड समन्वयकों की आधारभूत प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन दिनांक 19.04.2011 से 23.04.2011 तक एवं जबलपुर, रीवा, एवं सागर संभाग का आयोजन दिनांक 26.04.2011 से 30.04.2011 एन.आई.टी.टी.टी.आर भोपाल में आयोजन ।

म.प्र. जन अभियान परिषद् की शासी निकाय की बैठक माननीय मुख्यमन्त्री श्री शिवराज सिंह जी चौहान की अध्यक्षता में दिनांक 29.03.2011 को सम्पन्न ।

सात संभागो भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, रीवा और जबलपुर में प्रस्फुटन समितियों के साथ संभाग स्तरीय सम्मलेन का आयोजन |

डॉ. अजय शंकर मेहता जी और श्री प्रदीप पांडे जी ने संभाला जन अभियान परिषद् के उपाध्यक्ष का दायित्व |

 

 
रिपोर्ट- राज्य स्तरीय
प्रस्फुटन समितियों द्वारा किए जा रहे कार्यो की जानकारी
    सबके लिए शिक्षा सबके लिए स्वस्थ्य हरियाली जल संरक्षण उर्जा संरक्षण नशा मुक्ति समग्र स्वैच्छिक एवं साफ-सफाई
    बच्चों का शाला में प्रवेश स्वस्थ्य शिविर रोपित पौधे कुओं का गहरीकरण तालाबों का गहरीकरण बावडियों का गहरीकरण बोरी बधान चेक डेम शत-प्रतिशत सी. एफ. एल. ग्राम बायो गैस उन्नत चूल्हें शत-प्रतिशत नशा मुक्ति किये गये ग्राम व्यक्ति शौचालय की संख्या सोख्ते गड्ढों का निर्माण
1. रीवा 25744 682 279936 848 628 267 00 755 61 00 1637 4 15698 10617 6703
2. सागर 26874 686 191948 755 282 34 00 419 50 00 7333 3 18361 14442 15324
3. ग्वालियर 19787 667 228162 359 366 27 00 317 34 00 1896 35 13676 6501 13038
4. उज्जैन 13516 1025 357537 624 397 102 00 324 80 00 1390 22 11907 11773 7410
5. जबलपुर 16211 1193 544560 1833 623 116 00 1693 51 00 6969 38 27991 14736 5517
6. भोपाल 14315 593 325497 791 206 57 00 926 69 00 803 22 10256 21278 8665
7. इन्दौर 23336 932 950443 331 266 28 00 1363 85 00 5196 10 10186 13690 4905
योग 139783 5778 2878083 5541 2768 631 00 5797 430 00 25244 134 108075 93037 61562

बचाई सात करोड़ की बिजली


म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ ने प्रदेश के २१८ गाँवों को शतप्रतिशत सी.एफ.एल. गाँव बना दिया है। इन गाँवों में एक साल में ५९ हजार से अधिक सी.एफ.एल. लगाकर ७ करोड़ ५ लाख ५२ हजार ७५६ रुपये की बिजली की बचत की गई है। परिषद्‌ की पहल ने यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है।


विकास के साथ हमारी ऊर्जा पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। यह बढ़ोत्तरी शताब्दी के अंत तक ३५ गुना होने का अनुमान है। आज भोजन, हवा, पानी की तरह विद्युत ऊर्जा हमारे जीवन का आवश्यक अंग है। बिना विद्युत के हम जीवन की कल्पना नहीं कर सकते। दैनिक क्रिया कलापों से लेकर कृषि, उद्योग जगत तथा विकास के हर क्षेत्र में विद्युत ऊर्जा पहली आवश्यकता है।
अतः वर्तमान बिजली संकट को देखते हुए जन अभियान परिषद्‌ ने बिजली बचत का प्रेरक अभियान चलाया है। इसके अंतर्गत परिषद्‌ की इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने भी प्रस्फुटन समितियों की प्रशंसा की है। परिषद्‌ ने डेढ़ वर्ष पूर्व गाँवों में सी.एफ.एल. (कॉम्पेक्ट फ्लोरोसेंट लैंप) को बढ़ावा देने का अभियान प्रांरभ किया था। ग्रामीणों को सी.एफ.एल. का महत्व बताया और १८८ गाँवों को पूर्ण सी.एफ.एल. गाँव बना दिया। विद्युत वितरण कंपनी के विशेषज्ञों की मदद से लगाए गए कुल सी.एफ.एल. से बिजली बचत की रिपोर्ट तैयार कराई गई तो आंकड़े चौंकाने वाले थे। ३० हजार से धिक ग्रामीण परिवारों ने मिलकर बिजली की बड़ी बचत की है। यह बचत ौसत पाँच घंटे बिजली प्रदाय के दौरान की गई। जन भियान ने भोपाल संभाग के गाँवों में ८,८७९, उज्जैन संभाग में ११,२७१, ग्वालियर में १३,७७२, रीवा में २,८२९, सागर संभाग में ५,१४६, जबलपुर में ५,५२५ सी.एफ.एल. लगवायी गयी। इस प्रकार प्रस्फुटन ग्रामों में भी तक प्रदेश के १८८ शतप्रतिशत सी.एफ.एल. गाँवों में ११ व १८ वॉट के कुल ५९,८५८ सी.एफ.एल. लगाए गए।
छोटा प्रयास बड़ी बचत गाँवों में पहले औसत पाँच घंटे की बिजली उपलब्धता पर २३,९४३ किलो वॉट प्रतिदिन का लोड था। पूर्णतः सी.एफ.एल. गाँव बनने के बाद इन गाँवों में बिजली का लोड प्रतिदिन ४,३३९ किलो वॉट प्रतिदिन रह गया। यानी सी.एफ.एल. के माध्यम से प्रतिदिन औसतन १९,६०३ किलो वॉट बिजली की बचत हो रही है। उपभोक्ता तक पहुँचने में बिजली के औसत दाम पाँच रुपये प्रति यूनिट माने जाने पर यह बचत ९८,०१७ रुपये प्रतिदिन की रही है।

दैनिक नवदुनिया से साभार २९/११/२०१०

 

राज्य स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक

म.प्र. जन अभियान परिषद् द्वारा अपने कार्यों के मूल्यांकन हेतु प्रतिमाह मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया जाता है । इसी क्रम में १६ अगस्त २००९ को परिषद् द्वारा मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया । दो सत्रों में आयोजित इस समीक्षा बैठक के पहले सत्र में वित्त, योजना, आर्थिक, सांख्यिकी मंत्री व म.प्र. जन अभियान परिषद् के उपाध्यक्ष मा. श्री राघव जी भाई, परिषद् के पूर्व उपाध्यक्ष व सांसद मा. श्री अनिल माधव दवे, पी.एम. पी.एस.यू. टीम लीडर श्री चितरंजन त्यागी, श्री दीपक डे, म.प्र. जन अभियान परिषद् के कार्यपालक निदेश श्री धीरेन्द्र चतुर्वेदी, राज्य कार्यालय के समस्त अधिकारी, कर्मचारी, समस्त संभाग समन्वयक व जिला समन्वयक उपस्थित थे ।

वित्त, योजना, आर्थिक, सांख्यिकी मंत्री व म.प्र. जन अभियान परिषद् के उपाध्यक्ष मा. श्री राघव जी भाई, की अध्यक्षता में सम्पन्न बैठक में श्री राघव जी ने कहा कि मध्यप्रदेश जन अभिनयान पषिद् योजनाओं की निगरानी व मूल्यांकन का कार्य करें । मा. श्री दवे जी ने मार्गदर्शन देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद् का मानव संसाधन महत्वपूर्ण है । अतः समय-समय पर कार्य शैली को परिषकृत करें । इसी सत्र में म.प्र. जन अभियान परिषद् के सभी संभाग समन्वयकों ने संभाग स्तर पर होने वाली गतिविधियों व प्रस्फुटन समूहों के कार्यों की प्रस्तुती दी ।

द्वितीय सत्र की अध्यक्षता में प्रमुख सचीव श्री देवेन्द्र सिंघई ने संबोधित करते हुए कहा कि समग्र ग्राम विकास की अवधाराणा को मूर्त रूप देने के लिए जन अभियान परिषद् का गठन श्री अनिल माधव दवे सांसद राज्य सभा की परिकल्पना पर आधारित है। उनके मार्गदर्शन में ही संस्था का विकास हुआ, नियुक्तियां हुई, कार्य हुए एवं आज यह स्वरूप सामने आया है । आज प्रस्फुटन योजना के अतंर्गत मध्यप्रदेश के सभी संभागों के ४८ जिलों में प्रत्येक ब्लॉक में दस-दस गाँव “प्रस्फुटन ग्राम” के रूप में चिन्हित हो चुके है एवं ये प्रस्फुटन ग्राम समग्र विकास की दिशा में अग्रसर है। प्रस्फुटन समुहों ने ’’स्कूल चलें हम अभियान‘‘ २००९, जल संरक्षण , पर्यावरण , नशा मुक्ति कार्यक्रम में महत्व पूर्ण भूमिका निभाई है

प्रमुख सचिव महोदय ने आग्रह किया कि हर जिले में कम से कम एक काम जन भागीदारी से म.प्र. ज.अ.प को जिला योजना अधिकारी एवं कलेक्टर से संफ कर करवाना चाहिये । उस परियोजना की लेखा-जोखा एवं आडिट सही होना चाहिये। जन भागीदारी से विकास कार्यो हेतु १०० प्रतिशत राशि संासद/एम.एल.ए निधी मद से उपलब्ध की जा सकती है।

 

 

राज्य स्तरीय प्रस्फुटन योजना के अंतर्गत हो रही प्रगति की जानकारी