प्रदेश में स्वैच्छिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने, स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओ को बढ़ावा देने व छोटे स्वैच्छिक संगठनों को विस्तारित करने के लिए प्रादेशिक नीति निर्माण का प्रारूप तैयार कर जारी कर दिया गया है। यह प्रारूप नीति निर्माण हेतु गठित टास्क फोर्स की ६ जनवरी २०१० को सांसद व टास्क फोर्स के अध्यक्ष की अनिल माधव दवे की अध्यक्षता में सम्पन्न बैठक में हुई चर्चा व म.प्र. जन अभियान परिषद् द्वारा राज्य व संभाग स्तरीय कार्यशालाओ एवं स्वैच्छिक संगठनों की पंचायत में आये सुझावों को समाहित करते हुए तैयार किया गया। इस प्रारूप को १ अगस्त २०१० को श्री दवे द्वारा मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को सौंपा गया।
श्री दवे द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में नीति का प्रारूप तथा उसे लागू करने के लिये सुझाव दिये गए हैं। प्रस्तावित नीति के माध्यम से स्वैच्छिक संगठनों को प्रदेश के विकास में सम्मान पूर्वक भूमिका निभाने हेतु उपयुक्त वातावरण निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है। नीति का प्रारूप जन अभियान परिषद् की वेबसाइट www.mpjap.org पर उपलब्ध है।
प्रस्तावित नीति में कहा गया है कि स्वैच्छिक संगठनों में ऐसे संगठन शामिल किए जा सकेंगे जो नैतिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक, आध्यात्मिक, लोकोपकारी अथवा वैज्ञानिक ौर प्रौद्योगिकीय विचारों के आधार पर सार्वजनिक सेवा में लगे हुए हैं।
नीति के प्रारूप में कहा गया है कि मध्यप्रदेश को आधुनिक एवं अग्रगामी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिये एक प्रदेशव्यापी, सशक्त, कुशल एवं प्रभावशाली स्वैच्छिक सेवा क्षेत्र विकसित करने की आवश्यकता है जिसमें प्रदेश के सभी नागरिक पूर्ण सृजनशीलता के साथ अपना सहयोग प्रदान कर सकें।
प्रस्तावित नीति में संगठनों के जिला स्तर पर पंजीयन तथा विशेषज्ञता के आधार पर उनकी अधिमान्यता का प्रावधान है। इसमें स्वैच्छिक संगठनों से सतत संवाद, विकास में उनकी भागीदारी, उनका नए क्षेत्रों में विस्तार तथा उनकी क्षमता के विकास के संबंध में सुझाव दिये गए हैं।
स्वैच्छिक संगठनों से जुड़े विषयों के शोध पर स्कालरशिप
राज्य सरकार विश्वविद्यालयों में स्वैच्छिक संगठनों से जुड़े विषयों पर शोध करने पर स्कालरशिप देगी। सरकार द्वारा यह निर्णय विगत १२ अक्टूबर २००९ को मुख्यमंत्री निवास आयोजित स्वैच्छिक संगठनों की पंचायत में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के क्रियान्वयन के तहत लिया गया है। इस संबंध में विगत ६ सितम्बर २०१० को योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग म.प्र. शासन द्वारा अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। प्रस्तुत है जारी अधिसूचना का प्रारूप।
मध्य प्रदेश शासन
योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग
मंत्रालय
//अधिसूचना//
भोपाल, दिनांक ०६/०९/२०१०
क्रमांक एफ ८२/२०१०/२३/यो.आ.सां. : राज्य शासन विश्वविद्यालयों में स्वैच्छिक संगठनों से जुड़े विषयों पर शोध कार्य हेतु छात्रवृति दिये जाने हेतु निम्नलिखित नियम एवं प्रक्रिया निर्धारित करता है
1:-छात्रवृति का नाम :- स्वैच्छिक संगठनों से जुड़े विषयों पर शोध कार्य हेतु छात्रवृति।
2:-उद्देश्य :- यह छात्रवृति स्वैच्छिक संगठनों द्वारा ग्रामीण तथा नगरीय क्षेत्रों में विकास, स्वास्थ्य तथा शिक्षा आदि क्षेत्रों में किये गये कार्यों की प्रभावशीलता का अध्ययन करने तथा उनके द्वारा किये गये नवाचारी कार्यक्रमों के अध्ययन एवं विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के क्षेत्र में क्रियात्मक अनुसंधान हेतु विश्वविद्यालयों/मान्य अध्ययन केन्द्रों में शोध कार्य हेतु दी जायेगी।
3:-संख्या:- प्रतिवर्ष पांच शोधार्थियों को छात्रवृति दी जायेगी।
4:-शोध राशि:- शोधार्थियों को उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दी जा रही छात्रवृति की राशि के बराबर राशि दी जायेगी। वर्तमान में यह राशि रुपये ८०००/ प्रतिमाह है तथा वर्ष में दो किश्तों में दी जाती है।
5:-चयन प्रक्रिया:- छात्रवृतियो का चयन आयुक्त, उच्च शिक्षा की अध्यक्षता में गठित एक राज्य स्तरीय समिति द्वारा किया जायेगा जिसमें राज्य सरकार द्वारा नामांकित दो प्रतिष्ठित स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि तथा राज्य शासन द्वारा नामांकित सामाजिक विज्ञान संकाय के तीन विषय विशेषज्ञ होंगे। चयन हेतु विभिन्न शोधार्थियों द्वारा शोध केन्द्रों से अग्रेषित किये गये आवेदनों पर समिति द्वारा विचार कर निर्णय लिया जायेगा। छात्रवृति के संबंध में व्यापक प्रचार प्रसार भी समाचार पत्रों में विज्ञापनों के माध्यम से किया जायेगा।
6:-पात्रता :-
6.1:-छात्रवृति ऐसे उम्मीदवारों को दी जायेगी जो म.प्र. के मूल निवासी हो तथा जिन्होंने पी.एच.डी. के लिए शोध कार्य हेतु विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा मान्य म.प्र. के किसी भी शोध संस्थान में शोध उपाधि समिति में साक्षात्कार के उपरांत पंजीयन किया हो एवं पंजीयन प्रमाण पत्र वि.वि.द्वारा जारी किया गया हो।
6.2:-स्नातकोत्तर उपाधि में म.प्र. विह्णाविद्यालय अध्यादेश के अनुसार निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त किये हो।
6.3:-मध्यप्रदेश के मूल निवासी हो जिसका प्रमाण पत्र सक्षम अधिकारी से प्राप्त किया हो।
6.4:-उम्मीदवार का विश्वविद्यालय में पंजीयन दिनांक १ नवम्बर २००९ के बाद हुआ हो।
7:-अन्य शर्ते :-
7.1:-छात्रवृति शोध उपाधि समिति की स्वीकृति तिथि से ३ वर्ष तक अथवा शोध कार्य विह्णाविद्यालय में जमा किये जाने के दिनांक तक, जो पहले हो, देय होगी।
7.2:-छात्रवृति धारक जिस शोध कार्य के लिये छात्रवृति प्राप्त कर रहा है, उसके लिये कोई अन्य छात्रवृति/वजीफा प्राप्त नहीं करेगा। यदि छात्रवृति प्राप्तकर्ता को पूर्व से कोई छात्रवृति प्राप्त हो रही है तो इस छात्रवृति का लाभ उठाने के लिये ऐसी छात्रवृति छोड़नी पड़ेगी, अर्थात एक समय में एक ही छात्रवृति की पात्रता होगी।
7.3:-छात्रवृति का नवीनीकरण विश्वविद्यालय/केन्द्राध्यक्ष द्वारा प्रतिवर्ष किया जावेगा। नवीनीकरण के लिये मुख्य शर्ते नियमित एवं संतोषजनक उपस्थिति एवं उत्तम आचरण होना अनिवार्य होगा। शोध कार्य का प्रगति प्रतिवेदन छात्र को कार्यपालक निदेशक जन अभियान परिषद् तथा आयुक्त, उच्च शिक्षा संचालनालय को भेजना निवार्य होगा। इसके बाद ही अगले वर्ष के लिये छात्रवृति देय होगी।
7.4:-छात्रवृति का नवीनीकरण उक्त आधार पर किया जाकर बजट की मांग संबंधित विह्णाविद्यालय/केन्द्राध्यक्ष द्वारा कार्यपालक निदेशक, जन अभियान परिषद् से की जायेगी। जो आवश्यकतानुसार विह्णाविद्यालय/केन्द्राध्यक्ष द्वारा कार्यपालक निदेशक जन अभियान परिषद् से की जायेगी जो आवश्यकतानुसार विह्णाविद्यालय/केन्द्राध्यक्षों को आवंटित की जायेगी। आगामी नवीनीकरण उपेक्षित विवरण एवं भुगतान की जानकारी प्राप्त होने पर किया जा सकेगा। ऐसे सभी मामले जिनकी व्यवस्था इन नियमों में न हो, में आयुक्त, उच्च शिक्षा का निर्णय अंतिम होगा।
8:-संवितरण अधिकारी:- यह छात्रवृतियां प्रतिवर्ष म.प्र. जन अभियान परिषद् (योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, म.प्र. शासन) की ओर से वितरित की जायेगी।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार
उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वैच्छिक
संगठनों को राज्य सरकार करेगी पुरूस्कृत
राज्य सरकार प्रदेश में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वैच्छिक संगठनों को पुरूस्कृत करेगी। उल्लेखनीय है कि १२ अक्टूबर २००९ को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित स्वैच्छिक संगठनों की पंचायत में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवी संगठनों को पुरूस्कृत करने की घोषणा की थी। प्रस्तुत है योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग म.प्र. शासन द्वारा जारी अधिसूचना।
मध्य प्रदेश शासन
योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग
मंत्रालय
//अधिसूचना//
भोपाल, दिनांक ११/१०/२०१०
क्रमांक एफ८३/२०१०/२३/यो.आ.सां. स्वैच्छिक संगठनों की पंचायत दिनांक १२ अक्टूबर २००९ में माननीय मुख्यमंत्रीजी द्वारा की गई घोषणा पुरूस्कारों की स्थापना प्रदेश में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वैच्छिक संगठनों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य एवं जिला स्तरीय पुरूस्कारों की स्थापना'' म.प्र. जन अभियान परिषद् (योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, म.प्र. शासन) के अंतर्गत मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय उत्कृष्ट स्वैच्छिक संगठन पुरूस्कार एवं मुख्यमंत्री जिला स्तरीय उत्कृष्ट स्वैच्छिक संगठन पुरूस्कार'' स्थापित एवं प्रदान करने के लिए निम्नलिखित नियम एवं प्रक्रिया प्रस्तावित है।
1:-सम्मान का नाम:-१. मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय उत्कृष्ट स्वैच्छिक संगठन पुरूस्कार एवं
२. मुख्यमंत्री जिला स्तरीय उत्कृष्ट स्वैच्छिक संगठन पुरूस्कार
2:-उद्देश्य:-यह सम्मान समाज में विकास के सभी क्षेत्रों में स्वैच्छिकता, सामाजिक सद्भाव, समरसता, जागरूकता लाने तथा श्रेष्ठतम उपलब्धियों व योगदान के लिए सम्मानित करने के उद्देश्य से स्थापित किया जाएगा।
3:-संख्या:-यह सम्मान राज्य स्तर पर तीन'' एवं जिला स्तर पर एकएक संगठन को प्रतिवर्ष प्रदान किया जायेगा। यह एकल सम्मान होगा अर्थात यह संयुक्त रूप से नहीं दिया जायेगा।
4:-सम्मान की प्रस्तावित राशि:-
| क्र. | पुरूस्कारों का नाम | पुरूस्कार का प्रकार | पुरूस्कार की राशि (रु. में) |
|---|
| 1. | मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय उत्कृष्टस्वैच्छिक संगठन पुरूस्कार | प्रथम पुरूस्कार द्वितीय पुरूस्कार तृतीय पुरूस्कार | 5,00,000 3,00,000 1,00,000 |
| 2. | मुख्यमंत्री जिला स्तरीय उत्कृष्ट स्वैच्छिक संगठन पुरूस्कार | एकल पुरूस्कार | 1,00,000 |
5:-पात्रता:-यह सम्मान ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय, शिक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, नशामुक्ति, भूमि, जल संरक्षण एवं संवर्धन, वृक्षारोपण एवं पर्यावरण तथा ऊर्जा संरक्षण हेतु समाज में हुए श्रेष्ठतम उपलब्धियों व योगदान करने वाले संगठन को दिया जायेगा।
6:-अन्य शर्तें:-सम्मान के लिए प्रदेश के सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने वाले संगठनों से सम्मान हेतु अनुशंसा/नामांकन की प्रविष्टियाँ आमंत्रित की जायेंगी।
7:-चयन प्रक्रिया:-
सम्मान के लिए प्रतिवर्ष उच्च स्तरीय निर्णायक मण्डल का गठन म.प्र. शासन द्वारा किया जायेगा। निर्णायक मण्डल में राज्य स्तरीय पुरूस्कार हेतु एक समिति गठित की जायेगी जिसके अध्यक्ष को राज्य शासन द्वारा नियुक्त किया जायेगा, इसके अतिरिक्त समिति में ५ स्वैच्छिक संगठन के प्रतिनिधि एवं ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन ऊर्जा विकास तथा योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभागों के प्रमुख सचिव होंगे। कार्यपालक निदेशक म.प्र. जन अभियान परिषद् समिति के सदस्य सचिव रहेंगे। जिला स्तरीय पुरूस्कारों हेतु संबंधित जिले के कलेक्टर अध्यक्ष, ५ स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं उक्त विभागों के जिला प्रमुख रहेंगे। म.प्र. जन भियान परिषद् के जिला समन्वयक को समिति का सदस्य सचिव नियुक्त किया जा सकता है। सदस्यों को आमंत्रण तथा बैठक के संयोजन की कार्यवाही कार्यपालक निदेशक, म.प्र. जन अभियान परिषद् (योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, म.प्र. शासन) द्वारा की जायेगी।
8:-बजट:-
| क्र. | पुरूस्कारों का नाम | पुरूस्कार का प्रकार | पुरूस्कारों की संख्या | पुरूस्कार की राशि (रु.में) | कुल राशि |
|---|
| 1 | मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय उत्कृष्ट स्वैच्छिक संगठन पुरूस्कार | प्रथम पुरूस्कार द्वितीय पुरूस्कार तृतीय पुरूस्कार | 1 1 1 | 5,00,000 3,00,000 1,00,000 | 5,00,000 3,00,000 1,00,000 |
| 2 | मुख्यमंत्री जिला स्तरीय उत्कृष्ट स्वैच्छिक संगठन पुरूस्कार | एकल पुरूस्कार | 50 | 1,00,000 | 1,00,000 |
| | योग | 53 | | 59,00,000 |
पुरूस्कार के चयन के लिए चौदह सदस्यीय निर्णायक मण्डल का गठन किया जायेगा। कोरम के लिए सात सदस्यों की उपस्थिति एवं निर्णय में सहभागिता आवश्यक होगी।
सम्मान के चयन का मापदण्ड संबंधित क्षेत्र में उच्चकोटि की सृजनात्मकता, विशिष्ट उपलब्धि, नवाचार तथा असंदिग्ध एवं निरपवाद योगदान रहेगा। चयन के समय अनुशंसित संगठन का सृजनात्मक रूप से सक्रिय होना अनिवार्य है। सम्मान हेतु अनुशंसित प्रविष्टि के समग्र रचनात्मक अवदान पर विचार किया जायेगा।
निर्णायक मण्डल के समक्ष प्रस्तुत प्रविष्टियाँ/अनुशंसाओ के अतिरिक्त निर्णायक मण्डल स्वविवेक से अन्य नामों पर विचार हेतु स्वतंत्र होगा।
यदि निर्णायक मण्डल सम्मान के लिए किसी भी संगठन को उपयुक्त नहीं पाता है तो उस वर्ष यह सम्मान किसी अन्य को नहीं दिया जा सकेगा।
इस पुरूस्कार से एक बार सम्मानित संगठन को पुनः यह सम्मान प्रदान नहीं किया जा सकेगा। निर्णायक मण्डल सर्वसम्मति से निर्णय लेकर अपनी नुशंसा राज्य शासन को प्रस्तुत करेगा। निर्णायक मण्डल द्वारा अनुशंसित संगठन से सम्मान ग्रहण करने के लिए सहमति प्राप्त की जावेगी।
निर्णायक मण्डल की अनुशंसा पर शासन की स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात् ही यह सम्मान घोषित किया जायेगा। घोषणा के पूर्व की सभी कार्यवाही गोपनीय रहेगी।
सम्मान घोषित हो जाने के बाद, सम्मानित संगठन द्वारा इसे स्वीकार न किये जाने पर उस वर्ष किसी अन्य को यह सम्मान नहीं दिया जा सकेगा।
विशिष्ट परिस्थितियों में यदि निर्णायक मंडल सर्वसम्मति से निर्णय लेने में असमर्थ रहता है और एक से अधिक अनुशंसाएं प्रस्तुत करता है तो ऐसी स्थिति में शासन को निर्णय लेने का अधिकार होगा।
संवितरण अधिकारी : यह सम्मान प्रतिवर्ष म.प्र. जन अभियान परिषद् (योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, म.प्र. शासन) की ओर से वितरित किया जायेगा।

सूचनाएं

घोषणा
क्रं. A-256
के अनुरूप विभिन्न विभागों से प्राप्त दस्तावेज
( कार्यक्रमों
की डायरेक्ट्री )

घोषणा
क्रं. A-257
के अनुरूप शासकीय डाटा स्वैच्छिक संगठनों को उपलब्ध करवाना ।
उत्कृष्ठ कार्य करने वाले स्वैच्छिक संगठनों को
राज्य सरकार करेगी पुरूष्कृत
स्वैच्छिक संगठनों से जुड़े विषयों के शोध पर राज्य
शासन देगी स्कॉलरशिप
जन अभियान परिषद् भवन में विभिन्न कार्यों हेतु
प्रशासकीय स्वीकृति।

सूचनाएं

