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एक सौ पचास किसान कर रहे मधुमक्खी पालन

खेती के साथ आर्थिक स्वावलम्बन के अन्य स्त्रोत को विकसित करने के उद्देश्य से प्रस्फुटन समिति सदस्यों ने उद्योग विभाग द्वारा दिये जाने वाले विकासखण्ड स्तरीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण के माध्यम से मधुमक्खी पालन कर शहद निर्माण को लेकर दक्षता हासिल की गयी। शहद निर्माण कार्य को व्यापक रूप देने के लिये शिवपुरी जिले के विकासखण्ड पोहरी की ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति सरजापुर की प्रेरणा से मधुमक्खी पालन कर शहद का व्यवसाय किया जा रहा है। इसके लिए प्रस्फुटन समिति सदस्यों ने किसानों को विकासखण्ड स्तर पर प्रशिक्षण दिया। मधुमक्खी पालन का कार्य सीखने के बाद ग्रामीणों ने कार्य शुरू किया। वर्तमान में सरजापुर गाँव के अलावा प्रस्फुटन गाँव गुड़ा व आसपास के स्पन्दन गाँवों के १५० किसान इस व्यवसाय में लगे हुए हैं। इस कार्य के लिए इन किसानों ने खेतों पर मधुमक्खियों के ३० छत्ते (प्लांट) लगाए हैं। उल्लेखनीय है कि यह कम लागत पर ज्यादा लाभ का व्यवसाय है। इस व्यवसाय से अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं।
मधुमक्खी के प्रकार : मधुमक्खी विभिन्न प्रकार की होती हैं १. सादा मधुमक्खी २. भौर विशाल बड़ी मक्खी ३. छोटेछोटे पंख वाली मधुमक्खी ४. राजा, रानी मधुमक्खी इत्यादि।
पालतू मधुमक्खी : ऐसी मधुमक्खी जिनका पालन पोषण किया जाता है पालतू मधुमक्खिया कहलाती हैं। पालतू मधुमक्खी से शहद या मधु प्राप्त किया जाता है।

मधुमक्खी पालन : मधुमक्खी का पालन पोषण करने के लिए छोटेछोटे आकार के डिब्बे या पेटियां बनाई जाती हैं। इन पेटियों में मधुमक्खी अपना जीवन जीने के लिए एक गोल धनुष आकार का छत्ता बनाती हैं। उसमें गोल आकार के छिद्र होते हैं जिसमें वह पना जीवन काल बिताती है। मधुमक्खियाँ लगभग २० से २५ दिन में छत्ता बना लेती हैं एवं ३० से ४५ दिन तक अण्डे देना शुरू कर देती हैं। लगभग १८ से २० दिनों तक ण्डों से बच्चे प्राप्त करती हैं। जैसे जैसे उनकी संख्या बढ़ती जाती है वे कई प्रकार के फलों एवं फूलों से शहद बनाती हैं। इन पेटियों को खाली जगह जहां फूलों एवं फलों की सुगंध हो ऐसे खेतों, बागो, बगीचों, फूलों वाली फसलों के पास रखा जाता है। पालतू मधुमक्खियों को संकेत जैसे सीटी या आवाज के माध्यम से उन पेटियों में उड़ाया व बैठाया जाता है। मधुमक्खियों में कुछ मक्खियां राजा होती हैं व कुछ रानियां होती हैं। यह राजा व रानी मधुमक्खियाँ अन्य को इधरउधर घुमाने का कार्य करती हैं। एक मक्खी ५० से १२५ मक्खियों का उड़ाने, घुमाने एवं स्थान पर लाने का कार्य करती हैं। पालतू मधुमक्खियाँ फूलों का रस तथा नमीदार जगह पर बैठकर डिब्बों में रस एकत्र करती हैं। पेटियों के छत्तों में भरी हुई शहद को हर शाम मधुमक्खी पालने वाले व्यक्तियों द्वारा निकाला जाता है और इस शहद को लग लग बर्तनों में भरा जाता है।
पालतू मधुमक्खियों के स्थान को एक या दो दिन में परिवर्तित करते रहते हैं ताकि मधु पर्याप्त मात्रा में प्राप्त होती रहे। मधुमक्खी पालन के बाक्स उस जगह पर धिक रखते हैं जिसमें अधिक फूलने वाली फसलें हो जैसे अजवाइन, आम, सरसों, मटर, चना आदि। जिन किसानों की जगह में यह बाक्स रखा जाता है उन किसानों को किराया दिया जाता है।
इस प्रकार प्रस्फुटन समिति की प्ररेणा से ग्रामीण जन शहद व्यवस्था करने लगे हैं। आयुर्वेदिक औषधियों के निर्माण व खाने में गुणकारी होने के कारण शहद की मांग अधिक है। प्रस्फुटन समिति के प्रयास से मधुमक्खी पालन से आर्थिक स्वावलम्बन की ओर किया जाने वाला यह अपनी तरह का उल्लेखनीय प्रयास है।
धर्मेन्द्र सिंह सिसौदिया
जिला समन्वयक
शिवपुरी, म.प्र. ज. अ .प.
जन संकल्प - 2008
वर्ष 2008 में शासन ने विभिन्न विभागों के लिए कुछ संकल्प तय किए थे जिन्हें जन संकल्प 2008 कहा गया था। यह संकल्प निम्नानुसार थे :-
१. प्रदेश में सेवाधर्मी सामाजिक संगठनों के विकास में सहयोग प्रदान किया जावेगा। उक्त संकल्प के क्रियान्वयन की स्थिति -
१. प्रस्फुटन योजना का क्रियान्वयन
- प्रदेश के 9390 ग्रामों में ग्राम स्तरीय स्वैच्छिक संगठनों- प्रस्फुटन समितियों का गठन।
- इन समितियों के माध्यम से लोक कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कार्य किया जा रहा है
२. शासकीय लोक कल्याणकारी योजनाओं में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं की प्रभावी भूमिका बनाई जायेगी।
१ नवांकुर योजना का संचालन -
- प्रदेश में निम्नानुसार स्वैच्छिक संगठनों का चयन एवं वित्त पोषण
-
क्र. |
स्तर |
प्रति संभाग/जिला /वि.खण्ड |
कुल |
1 |
विकासखण्ड स्तर
|
2 |
626 |
2 |
जिलास्तर पर |
2 |
100 |
3 |
संभाग स्तर |
6 |
18 |
4 |
बड़े शहरों- इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर |
10 |
30 |
5 |
राज्य की राजधानी भोपाल |
20 |
20 |
|
कुल योग |
|
794 |
उक्त मद में पूर्व में 1250 संस्थाओं को चिन्हित कर उन्हें भी विकेन्द्रिकृत नियोजना की ट्रेनिंग दी गई।
३. संवाद योजना का संचालन -
- प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय जन अभियान समिति का गठन,
- जिला स्तर पर शासकीय अधिकारियों/जन प्रतिनिधियों/ समाजसेवियों एवं स्वैच्छिक संगठनों के बीच नियमित संवाद -३२ संवाद, कार्यशालायें आयोजित।
- शासकीय अधिकारियों/जन प्रतिनिधियों/समाजसेवियों एवं स्वैच्छिक संगठनों के बीच नियमित संवाद संभाग स्तर पर ७ कार्यशालायें आयोजित।
- दिनांक 18 नवम्बर 2011 को पूरे प्रदेश के करीब 5 हजार एन.जी.ओ. एवं 9390 प्रस्फुटन समितियों एवं 18000 स्पंदन ग्रामों के प्रतिनिधियों का सम्मिलित कार्यशाला जिसका लक्ष्य प्रतिभागियों को स्वैच्छिक संगठनों के क्षेत्र की चुनौतियॉ, उनकी भूमिका एवं उनके संभावित/अपेक्षित योगदान के संबंध में सार्थक चर्चा एवं शासकीय कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार एवं जानकारी हेतु समस्त योजनाओं के एक किट का वितरण ताकि प्रतिभागियों का Value Addition हों सके।
-
4. अन्य कार्य -
- स्वैच्छिक संगठनों हेतु प्रादेशित नीति का प्रारूप जारी।
- प्रदेश के लगभग 18000 ग्रामों में शासकीय लोक कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार।
- लोक कल्याणकारी योजनाओं में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए प्रदेश के 18000 ग्रामों में ग्राम विकास यात्रा का आयोजन,
२. संकल्प क्रमांक -
क्र. |
विषय |
वस्तुस्थिति |
समय सीमा पूरा करने हेतु |
स्थिति पूर्ण/अपूर्ण/सतत |
अन्य विभाग जिनसे समन्वय किया जाना है। |
|
|
|
I Year |
II Year |
III Year |
V Year |
|
|
| 1 |
शासकीय लोक कल्याणकारी योजनाओं में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं की प्रभावी भूमिका बनाई जायेगी। |
१. ग्राम स्तरीय प्रस्फुटन समितियों का गठन |
3130 |
6260 |
9390 |
15650 |
प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष में लगभग 98 प्रतिशत पूर्ण
|
|
| |
|
२. प्रत्येक तिमाही में स्वयंसेवी संगठनों के साथ जिला कलेक्टरों की बैठकें |
200 |
200 |
- |
200 |
गत् वर्ष 70 प्रतिशत एवं वर्तमान वर्ष में लगभग 85 प्रतिशत संभाग एवं जिलों में बैठकों सम्पन्न। |
|
| |
|
३. स्वयंसेवी संस्थाओं की पहचान व प्रशिक्षण |
1250 |
1250 |
- |
- |
विगत वर्ष 1250 स्वयंसेवी संस्थाओं के लगभग 2500 प्रतिनिधियों को विकेन्द्रीकृत योजना निर्माण, समुदाय आधारित मूल्यांकन व अनुश्रवण, सामाजिक अंकेक्षण एवं समंक विश्लेषण विषयों के संबंध में प्रशिक्षित किया गया। |
|
उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वैच्छिक
संगठनों को राज्य सरकार करेगी पुरूस्कृत
राज्य सरकार प्रदेश में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वैच्छिक संगठनों को पुरूस्कृत करेगी। पुरूस्कार के लिये राज्य एवं जिला स्तरीय स्वैच्छिक संगठन पात्र होंगे। इस योजना के क्रियान्वयन का कार्य म.प्र. जन अभियान परिषद् द्वारा किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि १२ क्टूबर २००९ को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित स्वैच्छिक संगठनों की पंचायत में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वयंसेवी संगठनों को पुरूस्कृत करने की घोषणा की थी।
मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय उत्कृष्ट स्वैच्छिक संगठन पुरूस्कार तथा मुख्यमंत्री जिला स्तरीय उत्कृष्ट स्वैच्छिक संगठन पुरूस्कार'' के नाम से दिए जाने वाले इन पुरूस्कारों में स्वैच्छिक संगठनों को प्रदेश स्तर पर क्रमशः प्रथम पुरूस्कार ५ लाख, द्वितीय पुरूस्कार ३ लाख और तृतीय पुरूस्कार १ लाख रुपये की राशि दी जाएगी। जिला स्तर पर एक लाख रुपये का सम्मान प्रति वर्ष दिया जाएगा। यह सम्मान राज्य स्तर पर तीन तथा जिला स्तर पर एकएक संगठन को प्रतिवर्ष दिया जाएगा। यह एकल सम्मान होगा।
यह सम्मान समाज में विकास के सभी क्षेत्रों में स्वैच्छिकता, सामाजिक सदभाव, समरसता, जागरूकता लाने तथा श्रेष्ठतम उपलब्धियों व योगदान के लिए सम्मानित करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। सम्मान के लिए प्रदेश के सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने वाले संगठनों से सम्मान हेतु अनुशंसा अथवा नामांकन की प्रविष्टियां आंमत्रित की जाएंगी। यह सम्मान ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय, शिक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, नशामुक्ति, भूमि, जल संरक्षण एवं संवर्धन, वृक्षारोपण एवं पर्यावरण तथा ऊर्जा संरक्षण के लिए समाज में हुए श्रेष्ठतम कार्यों व योगदान करने वाले संगठनों को दिया जाएगा। पुरूस्कार के लिए प्रतिवर्ष उच्च स्तरीय निर्णायक मण्डल का गठन म.प्र. शासन द्वारा किया जाएगा।
निर्णायक मण्डल में राज्य स्तरीय पुरूस्कार हेतु एक समिति गठित की जाएगी जिसमें अध्यक्ष को राज्य शासन द्वारा नियुक्त किया जाएगा। इसके तिरिक्त समिति में ५ स्वैच्छिक संगठन के प्रतिनिधि एवं ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन, ऊर्जा विकास तथा योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभागों के प्रमुख सचिव होंगे। म.प्र. जन भियान परिषद् के कार्यपालक निदेशक समिति के सदस्य सचिव होंगे। जिला स्तरीय पुरूस्कारों के लिए समिति में संबंधित जिले के कलेक्टर ध्यक्ष, स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं उक्त विभागों के जिला प्रमुख रहेंगे। निर्णायक मण्डल की अनुशंसा पर शासन की स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही यह सम्मान घोषित किया जाएगा। यह सम्मान प्रतिवर्ष म.प्र.जनभियानपरिषद्द्वारावितरितकियाजाऐगा।
स्वैच्छिक संगठनों से जुड़े विषयों के शोध पर स्कालरशिप
राज्य सरकार विश्वविद्यालयों में स्वैच्छिक संगठनों से जुड़े विषयों पर शोध करने पर स्कालरशिप देगी। सरकार द्वारा यह निर्णय विगत १२ अक्टूबर २००९ को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित स्वैच्छिक संगठनों की पंचायत में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के क्रियान्वयन के तहत लिया गया है। प्रदेश में पहली बार क्रियान्वित इस योजना के तहत म.प्र. जन भियान परिषद् द्वारा प्रतिवर्ष पाँच शोधार्थियों को स्कालशिप दी जाएगी। शोध राशि वर्ष में दो बार चारचार हजार रुपये चयनित शोधार्थियों को दी जाएगी।
स्कालरशिप स्वैच्छिक संगठनों द्वारा ग्रामीण तथा नगरीय क्षेत्रों में विकास, स्वास्थ्य तथा शिक्षा आदि क्षेत्रों में किए गए कार्यों की प्रभावशीलता को लेकर किये गये अध्ययन के लिए दी जाएगी। इसके साथ ही स्वयंसेवी संगठनों द्वारा किए गए नवाचारी कार्यक्रमों के अध्ययन एवं विभिन्न स्वयंसेवी क्षेत्रों में क्रियात्मक अनुसंधान के लिए विह्णाविद्यालय मान्य अध्ययन केन्द्रों में शोध कार्य के लिए राशि दी जाएगी। स्कॉलरशिप हेतु चयन आयुक्त उच्च शिक्षा की अध्यक्षता में गठित एक राज्य स्तरीय समिति करेगी। जिसमें राज्य सरकार द्वारा नामांकित दो प्रतिष्ठित स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि तथा राज्य शासन द्वारा नामांकित सामाजिक विज्ञान संकाय के तीन विशेषज्ञ शामिल होंगे।
चयन के लिए विभिन्न शोधार्थियों द्वारा शोध केन्द्रों से अग्रेषित किए गए आवेदनों पर समिति विचार कर निर्णय लेगी। स्कॉलरशिप ऐसे उम्मीदवारों को दी जाएगी जो म.प्र. के मूल निवासी हो। इसके लावा जिन्होंने पी.एच.डी. के लिए शोध कार्य हेतु विह्णाविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा मान्य म.प्र. के किसी भी शोध संस्थान में शोध उपाधि समिति में साक्षात्कार के उपरांत पंजीयन किया हो। स्कालरशिप के लिये वही उम्मीदवार पात्र होंगे जिनका विह्णाविद्यालय में १ नम्बर २००९ के बाद पंजीयन हुआ हो,साथहीस्नातकोत्तरमेंविह्णाविद्यालयध्यादेशकेनुसारनिर्धारितन्यूनतमअंकप्राप्तकिएहो।
|
विषय |
संभाग |
जिला |
विकासखण्ड |
गाँव |
कार्य विवरण |
|
ऊर्जा संरक्षण |
इन्दौर संभाग में |
बड़वानी |
निवाली |
भुलगाँव |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
४४ ग्राम १००ऽ |
|
|
सिदड़ी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
C.F.L., ७५१ |
|
|
जोगवाड़ा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
बायोगैस व ७२१ |
|
|
तलाव |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
उन्नत चूल्हें निर्मित |
|
राजपुर |
रूई |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
ठीकरी |
मोहीपुरा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
बुरहानपुर |
खकनार |
शकरपुरा/बलवाड़ा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
धार |
धरमपुरी |
दुगुनी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
निसरपुर |
कोठड़ा/पुरा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
बाग |
मुहाजा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
तिरला |
अम्बापुरा |
१००% उन्नत चूल्हा ग्राम |
| |
|
|
बदनावर |
मुंगेला |
१००% C.F.L. व उन्नत |
| |
|
|
|
|
चूल्हाग्राम |
| |
|
|
बदनावर |
बामनसुता |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
बदनावर |
भीमपुरा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
उमरबन |
धनोरा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
इन्दौर |
देपालपुर |
तामलपुर |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
महू |
मालीपुरा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
झाबुआ |
उदयगढ़ |
जाम्बुखेड़ा, |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
तलावद, आम्बी, |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
बावड़ीखुर्द, |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
बिडबड़ी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
सोण्डवा |
थरवाटा, चिखली, |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
अठावा, फरवाता |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
पेटलावद |
सुठवाड़िया |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
कठ्ठीवाड़ा |
करेली मवड़ी, |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
सायड़ा, हवेलीखेड़ा, |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
बड़ीसर्दी, आमखूट, |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
काबरीसेल, ध्याना, |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
ज्बानिया |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
भाबरा |
छोटी करेटी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
अलीराजपुर |
कुशलवई, |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
चकदी उमदा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
खण्डवा |
खण्डवा |
रिझगांव |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
रामपुरा, रिजगांव |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
बामनगांव अखई |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
हरसूद |
दगड़खेड़ी गांव |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
पंधाना |
लछौराखुर्द, |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
पंधाना |
दशोरापुर |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
खरगोन |
सैगाँव |
गंधावड़ |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
खरगोन |
उबदी |
पूर्णतः बायो गैस ग्राम |
| |
|
|
|
उबदी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
भीकनगांव |
दोंदवाड़ा; |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
खरगोन |
इच्छापुर |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
|
|
|
ऊर्जा संरक्षण |
भोपाल संभाग में |
होशंगाबाद |
बनखेड़ी |
कुराड़ी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
३३ ग्राम १००ऽ |
|
होशंगाबाद |
अंधियारी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
क्.क़.ख्., २२९ |
|
सिवनीमालवा |
धामनिया |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
बायोगैस निर्मित |
|
|
बाँकाबेड़ी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
पपरिया |
तरोनखुर्द |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
सोहागपुर |
बिच्छुआ |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
भोपाल |
फंदा |
फंदाखुर्द |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
सीहोर |
नसरूल्लागंज |
तजपुरा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
रिढ़वाड़ |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
सीलकंठ |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
बुधनी |
होलीपुरा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
आष्टा |
कुडिंयाधागा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
हरदा |
हरदा |
नीमगाँव |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
टिमरनी |
पीपल्या कला |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
लछौरा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
खिरकिया |
हिवाला |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
बैतूल |
शाहपुर |
बानाबेहड़ा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
विदिशा |
लटेरी |
उलाखेड़ी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
रघुनाथपुर |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
विदिशा |
बल्ला खेड़ी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
देवखजुरी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
बासौदा |
बगरौदा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
नटेरन |
घटवई |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
ग्यारसपुर |
गुनुआं |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
सिरोंज |
थनरपुर |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
रायसेन |
बाड़ी |
पारतलाई |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
उटियाखुर्द |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
ओबेदुल्लागंज |
ईटखेड़ी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
कराघाटी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
बेगमगंज |
|
मुडलाबेर |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
मंदिर पिपरिया(बरई) |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
गैरतगंज |
छीरखेड़ा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
पटी, मुरतार |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
उदयपुरा |
सौजनी, सोभापुर |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
मनकापुर |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
राजगढ़ |
ब्यावरा |
सालरिया खेड़ी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
जमुनियाघाट |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
नरसिंहगढ़ |
श्यामपुरा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
प्रतापपुरा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
खिलचीपुर |
चांदपुरा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
जीरापुर |
झिरियाखेड़ी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
सारंगपुर |
रेठानी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
सराली |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
|
|
|
ऊर्जा संरक्षण |
रीवा संभाग के |
शहडोल |
गोहपारू |
देवरी नं. २ |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
२१० ग्रामों में |
सतना |
रामपुरबघेलान |
देवरा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
ऊर्जा बचत |
|
मझगवां |
सोनवर्षा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
अभियान संचालित, |
रीवा |
रीवा |
सिलपरा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
१५८ स्थानों पर |
|
मऊगंज |
रामपुर |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
बायोगैस संयंत्रों |
|
|
रतनगवां |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
का निर्माण |
|
|
चितईपुरवा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
हनुमना |
लासा |
१००% C.F.L. ग्राम |
|
ऊर्जा संरक्षण |
जबलपुर संभाग में |
बालाघाट |
बैहर |
गढ़ी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
३३ ग्राम |
|
लांजी |
धारमारा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
१००% C.F.L., |
|
कटंगी |
सिरपुर |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
३०३ बायोगैस |
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| |
निर्मित |
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ऊर्जा संरक्षण |
उज्जैन संभाग में |
उज्जैन |
महिदपुर |
डोंगला |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
२८ शतप्रतिशत |
|
|
लोटियाजुनार्दा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
सी.एफ.एल. ग्राम |
|
घट्टिया |
अहिरखेड़ा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
व ५९४ बॉयो |
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उज्जैनिया |
७०%. सोलर लाईट |
| |
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संचालित गांव |
| |
गैस निर्मित |
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बड़नगर |
सुन्दराबाद |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
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खाचरोद |
अरोलिया देवड़ा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
उज्जैन |
बोलासा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
राघोपिपल्या |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
खुसराखेड़ी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
देवास |
खातेगाँव |
गोपालपुरा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
शाजापुर |
आगर |
कुण्डलाखेड़ा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
शाजापुर |
कालापीपल |
जोगखेड़ी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
रतलाम |
पिपलौदा |
मामटखेड़ा |
११ लाख रुपये का शेष |
| |
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बिजली बिल जमा करवाया। |
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बड़ायला सरवन |
१००% C.F.L. ग्राम |
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सैलाना |
बड़ीकलां |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
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अड़वानिया |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
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जावरा |
रूपनगर |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
रतलाम |
रूपाखेड़ा |
१००% C.F.L. बिल वितरण |
| |
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एवं बिल जमा करने का कार्य |
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ग्रामीणों द्वारा संचालित |
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सरवनी जागीर |
१००% C.F.L. ग्राम |
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|
मंदसौर |
भानपुरा |
लोटखेड़ी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
मंदसौर |
निम्बोद |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
लदुसा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
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देहरी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
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भालोट |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
मल्हारगढ़ |
बालागुड़ा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
मंदसौर |
बेहपुर |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
नीमच |
मनासा |
नई ननौर |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
जावद |
गोठड़ा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
तारापुर |
१००% C.F.L. ग्राम |
|
ऊर्जा संरक्षण |
सागर संभाग में |
छतरपुर |
बक्सवाहा |
बिजावली |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
२२ गाँव पूर्णतः |
छतरपुर |
लौंड़ी |
बैरगिया पुखरी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
C.F.L., १३४ |
छतरपुर |
नौगाँव |
खकरी वीरपुरा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
बायो गैस निर्मित |
छतरपुर |
राजनगर |
टौरियाटेक |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
व ६३१ उन्नत |
|
छतरपुर |
खैरी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
चूल्हे |
सागर |
रहली |
बलेह |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
सागर |
सागर |
पटकुई |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
सागर |
खुरई |
खैरा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
सागर |
राहतगढ़ |
ढगरानिया |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
सागर |
जैसीनगर |
हड़ा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
सागर |
देवरी |
सरखेड़ा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
टीकमगढ़ |
टीकमगढ़ |
बंजरया |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
टीकमगढ़ |
पांडेर |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
टीकमगढ़ |
बल्देवगढ़ |
कैलपुरा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
टीकमगढ़ |
बुदौरा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
टीकमगढ़ |
चंदुली |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
दमोह |
दमोह |
मडियाकमल |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
दमोह |
बटियागढ़ |
महुआखेड़ा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
दमोह |
पटेरा |
राजाबंदी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
दमोह |
दमोह |
चंदौरा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
(स्पंदन ग्राम) |
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| |
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पन्ना |
पवई |
उमरिया |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
पन्ना |
अजयगढ़ |
देवगांव |
१००% C.F.L. ग्राम |
|
ऊर्जा संरक्षण |
ग्वालियर संभाग में |
भिण्ड |
गोहद, अटेर |
टुण्डीला, जारी |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
२५ C.F.L. गाँव, |
दतिया |
दतिया |
शंकरगढ़ |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
२३३ बायोगैस |
|
|
डोगरपुर |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
निर्मित |
|
|
रामनगर |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
ग्वालियर |
भितरवार |
भदेश्वर |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
श्योपुर |
कोलारस |
अटारार |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
बदरवास |
ढेंकुआ |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
अशोकनगर |
शोकनगर |
भौराखाती |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
मुंगावली |
चकरतभानपुर |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
मुरैना |
पोरसा |
यामपुराकला |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
|
नंदपुरा |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
कैलारस |
शहदपुर |
१००% C.F.L. ग्राम |
| |
|
|
सबलगढ़ |
धरसोला |
१००% C.F.L. ग्राम |
|
विशेष कार्य |
सागर |
कन्वर्जेस - ग्राम विकास समिति के कार्यो से प्रभावित होकर आई. आई.टी. दिल्ली द्वारा |
| |
|
५ घनमीटर का बायोगैस संयंत्र ग्राम बंजरया विकासखंड टीकमगढ़, जिला टीकमगढ़ में |
| |
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निःशुल्क स्थापित कराया गया जिसका आई आई.टी. दिल्ली से संबद्घ जापान की टीम |
| |
|
द्वारा भ्रमण किया गया । आई. आई.टी. दिल्ली तथा जापान की टीम द्वारा संयुक्त रूप से |
| |
|
इस प्रयोग के सफल होने पर जिले के १०० ग्रामों में बायोगैस संयंत्र स्थापित करने हेतु |
| |
|
म.प्र. जन अभियान परिषद के माध्यम से ग्राम विकास समितियों का चयन किया गया। |
| |
|
इसके तहत संपूर्ण जिले में जैविक ऊर्जा पर कार्य किया जायेगा। इस प्रकार प्रस्फुटन |
| |
|
समिति ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय कर जिले का गौरव बढ़ाया। |
|
जल संरक्षण |
इन्दौर संभाग में |
बड़वानी |
राजपुर |
रूई |
२००० बोरियों से नदी पर |
| |
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बंधान, नाले पर ७ बोरीबंधान |
| |
४६३ बोरी बंधान, |
बुरहानपुर |
बुरहानपुर |
बसाई |
१३००० बोरियों से ताप्ती |
| |
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नदी पर बोरी बंधान |
| |
५३ तालाबों का |
धार |
धार |
बगड़ीताज |
मौलानी नदी पर १४००० रु. |
| |
गहरीकरण |
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का डेम निर्माण, जन |
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भागीदारी से २,७१,००० रु. |
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का तालाब निर्माण। |
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झाबुआ |
रानापुर |
कंजावानी |
४ बोरी बंधान निर्मित |
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उदयगढ़ |
डेडरवासा |
५ बोरी बंधान निर्मित |
|
जल संरक्षण |
भोपाल संभाग में |
राजगढ़ |
राजगढ़ |
रामपुरिया |
पानी की खेती का अनूठा कार्य |
| |
४९८ बोरी बंधान |
विदिशा |
लटेरी |
देवखजूरी |
५ स्थानों पर बोरी बंधान |
| |
व ३७ तालाबों का |
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उलाखेड़ी |
१ तालाब निर्माण |
| |
गहरीकरण |
|
|
बरखेड़ा धन्नू |
१ स्टाप डेम, १ कूप निर्माण |
| |
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|
विदिशा |
खरवई |
२ तालाब निर्माण |
| |
|
|
|
देवखजूरी |
५ स्थानों पर बोरी बंधान |
| |
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नटेरन |
वर्धा |
०७ तालाबों का गहरीकरण एवं २ |
| |
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|
बोरी बंधान |
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गंजबासौदा |
बामोरी |
७० पाईपों द्वारा पाइप लाईन बिछाई |
| |
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गई, २ कूप निर्माण २ तालाब निर्माण |
| |
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|
३ मेढ़ बंधान |
|
जल संरक्षण |
सागर संभाग में |
छतरपुर |
बक्सवाहा |
बिजावली |
१.५० लाख रुपये लागत की २५"*३०" |
| |
४३/४५ चैकडेम |
|
|
|
आकार की तलैया का निर्माण |
| |
/बोरीबंधान व ४५ |
सागर |
सागर |
आमोदा |
१२० फीट लम्बाई ४० फीट चौड़ाई, |
| |
|
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|
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१० फीट गहरे |
| |
तालाबों का |
|
|
|
तालाब का निर्माण |
| |
गहरीकरण |
सागर |
निवाड़ी |
जिखनगांव |
२.५०लाख रुपये की लागत से कुएँ |
| |
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|
|
|
का निर्माण |
| |
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सागर |
बीना |
महादेवखेड़ी |
२५ खेतों के निचले स्तर पर बड़े |
| |
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गड्ढो को का एकत्रीकरण, रैन वाटर |
| |
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हार्वेस्टिंग का अनूठा उदाहरण है |
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|
केसली |
पटना खुर्द |
श्रमदान एवं अंशदान से ४ लाख |
| |
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|
|
रुपये की लागत से सामुदायिक |
| |
|
|
|
|
भवन का निर्माण |
| |
|
|
केसली |
नाहरमउ |
श्रमदान एवं अंशदान द्वारा ४ लाख |
| |
|
|
|
|
रुपये की लागत से सामुदायिक |
| |
|
|
|
|
भवन का निर्माण |
| |
|
|
अजयगढ़ |
देवगांव |
श्रमदान एवं अंशदान से २ लाख |
| |
|
|
|
|
रुपये की लागत से सामुदायिक |
| |
|
|
|
|
भवन का निर्माण |
|
जल संरक्षण |
रीवा संभाग में |
अनूपपुर |
पुष्पराजगढ़ |
बेलगवां |
एक बोरी बंधान जिससे ३०० लोगों को |
| |
६२ कुँओं, ५१ |
सतना |
रामपुरबघेलान |
मरजादपुर |
जलापूर्ति संभव वृहद बाँध का निर्माण। |
| |
तालाबों का |
शहडोल |
बुढ़ार |
रामपुर |
एक बोरी बंधान, २ तालाबों का |
| |
गहरीकरण, |
|
|
|
गहरीकरण १० हैंण्डपम्पों की सफाई। |
| |
१०१ स्थानों पर |
|
|
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|
| |
बोरी बंधान। |
|
|
|
|
|
जल संरक्षण |
जबलपुर संभाग में |
नरसिंहपुर |
करेली |
निवारी |
केतकी नदी का विस्तारीकरण |
| |
४१७ बोरी बंधान, |
|
|
|
तालाब गहरीकरण। |
| |
११२, तालाबों का |
|
|
|
|
| |
गहरीकरण |
|
|
|
|
|
जल संरक्षण |
उज्जैन संभाग में |
उज्जैन |
तराना |
सामानेरा |
१ नदी गहरीकरण, १ बोरी बंधान |
| |
में ७५ कुओं, |
|
बड़नगर |
सुंदराबाद |
उत्कृष्ट तालाब निर्माण |
| |
८८ तालाबों, १४ |
|
खाचरोद |
मड़वदा |
०२ तालाबों का गहरीकरण |
| |
गहरीकरण व ११७ |
|
टोंकखुर्द |
बालाखेड़ा |
नाले पर बोल्डर डेम का निर्माण |
| |
बोरी बंधान किये |
रतलाम |
जावरा |
लसुड़िया जंगली |
नाले पर बोल्डर डेम का निर्माण |
|