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स्वच्छता
गांव में बनवाये 115 शौचालय -

सी.एम.सी.एल.डी.पी. छात्राः- गिरीराज पालीवाल


कार्य - छात्र गिरीराज पालीवाल ने ग्राम रानीपुरा, जिला श्योयपुर में 115 शौचालय बनावाये है। छात्र द्वारा किये कार्य का यूनिसेफ टीम द्वारा अवलोकन।

जन अभियान परिषद्
स्‍वच्‍छता व स्‍कूल चलों शिक्षा अभियान में किया कार्य-

छात्राः- रंजना मण्डलोई ग्रामः- बड़गांव भगवानपुरा विकासखण्ड मनावर जिला धार इन्दौर संभाग


कार्य - रंजना मण्डलोई ने अपने गांव में स्वामी विवेकानंद लायबेरी स्थापित की एवं ग्राम में 20 बालक 20 बालिकाओं की वानर सेना का गठित कर घर-घर सम्पर्क, रैली चौपाल संगोष्ठी और संवाद के माध्यम से ग्राम के 35 परिवारों में शोचालय निर्माण एवं शोचालय उपयोग का कार्य कराया गया, पौधारोपण किया, व्यसक्तिगत् स्वच्छकता हेतु प्रत्येक परिवार से एक सदस्य को प्रचार-प्रसार की जवाबदारी सौंपी गई। शाला चलों अभियान कार्यक्रम के अन्तर्गत ग्राम के 20 बच्चों को शाला में भेजने का कार्य कराया गया। प्रतिदिवस संस्कार केन्द्र और पाठशाला के माध्यम से ग्राम के बच्चों को महापुरूषों के जीवन परिचय एवं उनके द्वारा किए गये कार्यों को बताया जाता है।

जन अभियान परिषद्
माँ चामुण्डा टेकरी पर स्वच्छता अभियान

From :- Patrika,Januray , 2013


ग्रामीण क्षेत्र में समग्र ग्राम विकास के लिए कार्य किया जा रहा है, आगामी कार्य योजना में नगरीय क्षेत्रों को भी समग्र विकास की दृष्टि से जोड़ा जाएगा। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद्‌ के तत्वावधान में देवास जिले की स्वयंसेवी संस्थाओं -ारा माँ चामुण्डा टेकरी पर स्वच्छता अभियान अंतर्गत माँ चामुण्डा टेकरी से शंख -ार मार्ग तक झाड़ू लगाकर, पॉलीथिन एवं कचरा एकत्र कर उसे नष्ट किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को माँ चामुण्डा टेकरी को स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उपाध्यक्ष म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ श्री प्रदीप पाण्डेय ने स्वयंसेवी संस्थाओं -द्वारा किये गये स्वच्छता अभियान की सराहना करते हुए कहा कि जन अभियान परिषद्‌ -द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में समग्र ग्राम विकास के लिए कार्य किया जा रहा है एवं आगामी कार्ययोजना में नगरीय क्षेत्रों को भी समग्र विकास की दृष्टि से जोड़ा जाएगा। इस अवसर पर श्री रायसिंह सेंधव अध्यक्ष पाठय पुस्तक निगम ने कहा कि जनसमुदाय की सहभागिता से ही किसी भी कार्य को पूर्ण रूप से संपन्न किया जा सकता है। टेकरी को स्वच्छ बनाना है, पॉलीथिन मुक्त करने का जो बीड़ा म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ ने उठाया है वह सराहनीय है। महापौर सुश्री रेखा वर्मा ने कहा कि यह स्वच्छता कार्य अत्यंत सराहनीय है। स्वयंसेवी संस्थाएँ जिले के समस्त वार्डो को गोद लेकर वहाँ के रहवासियों के माध्यम से नगर को स्वच्छ रखने हेतु प्रेरित कर सकती हैं। इस कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने उपस्थित होकर टेकरी मार्ग तथा आसपास के कचरे को श्रमदान से साफ किया। इस अवसर पर श्री दिलीप जाधव समाजसेवी, श्री बंशीलाल राठौर जिला पंचायत उपाध्यक्ष, संभाग, जिला समन्वयक, म.प्र. जन अभियान परिषद्‌, जिला जन अभियान समिति सदस्य श्रीमती मनीषा बाफना, श्री बसंत चौरसिया तथा श्री संतोष पंचोली पार्षद उपस्थित थे।

ऋतुजा पहाड़े जिला समन्वयक, देवास, म.प्र. जन अभियान परिषद्
क्षिप्रा नदी के घाट को किया स्वच्छ

From :- Patrika, July , 2013


रामघाट पर 900 लोगों ने किया श्रमदान म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ -द्वारा उज्जैन नगर की पवित्र नदी क्षिप्रा के रामघाट पर महा श्रमदान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 900 लोगों ने श्रमदान कर रामघाट को स्वच्छ किया। एक दिन के इस वृहद आयोजन में शहर के अनेक संगठनों ने भाग लिया। श्रमदान की कार्ययोजना अनुरूप सर्वप्रथम भालेराव परिवार के तत्वावधान में पं. हिमांशु व्यास -द्वारा क्षिप्रा आरती करावायी गयी। जिसके पश्चात महा श्रमदान शुरू किया गया। रामघाट, मौलाना घाट, वरूण घाट, श्रीराम घाट, दत्त अखाड़ा क्षेत्र, गुरुनानक घाट, बड़ी रपट आदि क्षेत्र में स्वच्छता अंतर्गत नदी से कचरा निकाला गया। इधरउधर फैले हुए कचरे को उठाकर नगर निगम -द्वारा उपलब्ध कचरा वाहन में एकत्र किया गया, सीढ़ियों पर जमी कंजी को ब्रश -द्वारा हटाया गया एवं पानी से घाट व सीढ़ियों को धोया गया। उपस्थित संगठनों के समूह बनाकर उन्हें प्रत्येक घाट का श्रमदान कार्य अलगअलग सौंपा गया जिससे कि कम समय में अधिक से अधिक कार्य संपन्न हुआ। महाश्रमदान में युवामंच के पं. हिमांशु व्यास -द्वारा गेती, फावड़े, तगारी, बाल्टी, कचरा जाली उपलब्ध करवायी गयी। साथ ही अन्य स्वयंसेवी संगठनों एवं परिवार भी अपनेअपने श्रम साधन स्वयं साथ लेकर आये थे। श्रमसेवकों हेतु स्वल्पाहार की व्यवस्था महाकाल मंदिर प्रबंधन समिति सदस्य व जनसहयोग तथा शुद्घ पेयजल की व्यवस्था सेवा सारथी एजुकेशन सोसायटी -द्वारा स्वयं की गयी। अन्य संस्थाओं एवं परिवारों ने भी अपनेअपने स्तर पर बिस्किट, खीर, फल आदि का वितरण किया। महाश्रमदान में म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ के उपाध्यक्ष श्री प्रदीप पाण्डेय, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री किशोर खण्डेलवाल, जिला जन अभियान समिति के उपाध्यक्ष श्री अशोक भंडारी, उज्जैन नगर पालिक निगम के सभापति श्री सोनू गेहलोत, महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के श्री गोविन्द शर्मा, कृषि मंडी व्यापारी जनसेवा समिति के श्री गोविन्द खण्डेलवाल, पार्षद श्री बुद्घिप्रकाश सोनी, श्री गब्बर भाटी, युवा मंच के पं. अमृतेश, एन.एस.एस. अधिकारी श्री अशोक सक्सेना, श्री बालेन्दु दुबे, उत्कृष्ट विद्यालय के एन.सी.सी. अधिकारी श्री ब्रजेश शर्मा, युवा मोर्चा के श्री रूपेश परमार, समाज सेवी श्री ताहेरअली, श्री प्रभुलाल जाटवा, श्री भरत व्यास, श्री ओम माचीवाल, श्री मोहन खण्डेलवाल सहित, म.प्र. डिप्लोमा इंजीनियरर्स एसोसिएशन, अ.भा. अधिवक्ता परिषद्‌, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद्‌ नवांकुर संस्था समग्र चेतना समिति, युग निर्माण शिक्षण समिति, सेवा भारती, वासुदेव इंटीग्रेटेड कृष्कोत्थान संस्था, वैभव सर्वेश्वरी लोक कल्याण संस्था, श्री अष्ट विनायक जन हिर्तार्थ संस्था, म.प्र. बैरवा सांस्कृतिक परिषद्‌, श्रीमती रामपति एजुकेशन सोसायटी, श्री चित्रांश जन कल्याण समिति, ज्ञानी स्वामी देवानंद शिक्षण समिति, चेतना समाज कल्याण समिति, संगच्छध्वम्‌ ग्राम कल्याण सेवा समिति, श्री खेड़ापति ग्राम विकास समिति बिछड़ोद, दीन दयाल जनजागृति सेवा समिति, एवेन्यू सोसायटी, अरूणोदय सर्वेश्वरी लोक कल्याण संस्था, स्वैच्छिक संगठन कृतांजलि सोश्यल एवं एजुकेशन वेलफेयर एसोसिएश, रूद्र संस्था, सेवा सारथी एजुकेशन सोसायटी, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति दावतखेड़ी, डाबरी, मीण, कुशलाखेड़ी, विष्णुसागर सप्तसागर विकास मण्डल, गढ़कालिका संस्कृत सेवा समिति उज्जैन, महाकाल गौरक्षा सेवा संस्था, युवा भगवा जागरण मंच, कनकश्रृंगा शारिरिक प्रशिक्षण समिति, कस्तुरी देवी संस्थान, नंदन शिक्षण समिति, नागदा लक्की शिक्षण समिति, संगतधम, कहार समाज बंधुगण ने इस पुनित कार्य में अपनी सहभागिता दी।

देवेन्द्र शर्मा जिला समन्वयक, उज्जैन, म.प्र. जन अभियान परिषद्

शत प्रतिशत्‌ शौचालय युक्त ग्राम मण्डलावदा

इन्दौर जिले के विकासखण्ड सांवेर की ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति मण्डलावदा ने समग्र स्वच्छता अभियान के अंतर्गत ग्राम को १०० प्रतिशत शौचालय युक्त बनाया है। शौचालय निर्माण के लिए ग्राम में एक बैटक का आयोजन किया गया। जिसमें मुखय कार्यपालन अधिकारी सांवेर श्रीमती मधुलिका शुक्ला की उपस्थिति में समिति सदस्यों ने निर्मल ग्राम की बात रखी तथा निर्मल ग्राम के फायदे बताये गये। इस बात से प्रेरित होकर ग्रामीणों ने एक स्वर में विश्वास दिलाया कि हम जितना जल्दी हो सके अपने गांव को निर्मल गांव बनायेंगे। इसी बैठक में उपस्थित ग्राम के सरपंच ने भी घोषणा की जो परिवार शौचालय निर्माण करवायेगा। उसे शासन द्वारा प्राप्त अनुदान के अलावा प्रति परिवार २०० रु. पुरूस्कार स्वरूप प्रदाय किया जायेगा।


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पॉलीथिन मुक्ति अभियान

बदलते समय के साथ प्लास्टिक का चलन आंरभ हुआ। हमने इसके दुष्प्रभावों को जाने बगैर इसे इतना आत्मसात किया कि हर जगह प्लास्टिक का संसार बस गया। यह प्लास्टिक अब विषाक्त प्रदूषण का कारण है। उपयोग के साथ दिनों दिन यह प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। प्लास्टिक स्वतः नष्ट नहीं होता। यदि इसे जलाया जाये तो कार्बन डाई ऑक्साइड सहित कई जहरीली गैसें निकलती हैं जो स्वास्थ्य के लिये हनिकारक हैं। 
विषैली गैसें हमारे तंत्रिका तंत्र और रोग प्रतिरोधी तंत्र को प्रभावित करती हैं। इसके अतिरिक्त प्लास्टिक की पतली पन्नियाँ जमीन के ऊपर एक परत बना लेती हैं जिससे जमीन के अंदर पानी पहुँचने में अवरोध आता है। पशुओं द्वारा पन्नियाँ खा लेने से उनकी मौत हो जाती है। इस तरह पॉलीथिन हमारे जीवन और पर्यावरण के लिए अभिशाप है। पॉलीथिन के उपयोग से वातावरण पर कुप्रभाव पड़ता है। इसके उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के लिए वैसे तो प्रशासन और कई स्वयंसेवी संस्थाएँ कार्यरत हैं लेकिन लोगों की मानसिकता में भी भी यथायोग्य परिवर्तन नही आ रहा है। इसके लिये आवश्यकता है लोगों को जागरूक करने की।

 


शिवपुरी जिले के विकासखण्ड नरवर अंतर्गत आने वाले ग्राम चकरामपुर एवं शिवपुरी ब्लॉक के ग्राम सतनबाड़ा की ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति ने पॉलीथिन मुक्ति के लिये सघन अभियान चलाया। इनके प्रयास से ग्राम चकरामपुर एवं सतनबाड़ा आज १०० प्रतिशत पॉलीथिन मुक्त ग्राम बन गए हैं। इस सफलता के पीछे समिति सदस्यों की मेहनत और गाँव के लोगों का भरपूर सहयोग रहा। चकरामपुर की समिति द्वारा निर्णय लिया गया कि ग्राम को पॉलीथिन मुक्त ग्राम बनाया जाये और फिर बैठक कर संकल्प लिया कि गाँव को पॉलीथिन मुक्त करेंगे। इस निर्णय को ग्रामवासियों ने भी स्वीकार किया और इसमें अपना पूर्ण सहयोग करने का आह्णावासन दिया। 
सर्वप्रथम गाँव का भ्रमण एवं सम्पर्क कर समिति सदस्यों ने गाँव वालों को पॉलीथिन के कुप्रभाव के बारे में बताया, जागरूक किया और इसका उपयोग न करने का आह्वान किया। गाँव वालों ने भी पॉलीथिन से होने वाली हानियों को समझते हुए पूर्ण सहयोग दिया।
इस कार्य को करने में समिति व ग्रामीणजनों ने एक दिन गाँव में भ्रमण कर पॉलीथिन को एकत्रित किया एवं गाँव से कुछ दूरी पर जाकर इस एकत्रित पॉलीथिन को जला दिया। सामान्यतः ग्रामवासी पॉलीथिन का उपयोग कर इधर उधर फैंक देते थे जिसे देखते हुए समिति ने गाँव में चार डिब्बे रख दिये तथा ग्रामीणजनों से निवेदन किया कि पॉलीथिन को इधरउधर न फैकते हुए इन डिब्बों में डालें ताकि गाँव में भी गंदगी न हो और पॉलीथिन को डिब्बों के माध्यम से एकत्रित कर गाँव के बाहर जलाया जा सके। ग्रामीणों ने इस कार्य में भी पना सहयोग प्रदान किया और वह पॉलीथिन को इधरउधर न फैंकते हुए इन डिब्बों में डालने लगे। इस प्रकार यह गाँव धीरेधीरे पॉलीथिन मुक्त हो गया।
इसी प्रकार जिले के सतनबाड़ा गाँव में प्रस्फुटन समिति ने बैठक में ग्राम को स्वच्छ ग्राम बनाने का निर्णय लिया जिसके अंर्तगत लक्ष्य निर्धारित किया गया कि आगामी ५ माह में ग्राम को शत प्रतिशत कीचड़ मुक्त एवं पॉलीथिन मुक्त करेंगे।
अपने संकल्प की दिशा में बढ़ते हुए समिति सदस्यों ने सर्वप्रथम ग्रामवासियों को पॉलीथिन से होने वाले नुकसान के बारे में बताया और फिर प्रतिदिन पॉलीथिन सफाई अभियान चलाया गया।


स्वच्छ प्रदेश बने हमारा

प्रस्फुटन ग्रामों में ३४,८३४ शौचालयों तथा १५,३५३ सोख्ता गड्ढों का निर्माण

तन मन की स्वच्छता के साथ ही हमारे आसपास की स्वच्छता जीवन को स्वस्थ बनाती है। स्वच्छता हमारे घर आंगन से प्रारंभ होकर सार्वजनिक स्थलों तक पहुँचती है। हमारा पहला कर्त्तव्य होता है कि हम अपने घरों को स्वच्छ बनाएं उसके बाद आसपास के वातावरण को स्वच्छ बनाएं। स्वच्छता का सबसे बड़ा कारक प्रदूषण है। इसके लिए जागरूकता की आवश्यकता है चूकि स्वच्छ गाँव से ही स्वच्छ प्रदेश बनेगा लेकिन गाँव में जागरूकता का भाव है। गाँवों में सबसे बड़ी समस्या है खुले में शौच का प्रचलन। आज भी देश के ४० प्रतिशत लोग खुले में शौच करते हैं। हालांकि अब लोगों में इसके प्रति नजरिया बदलने लगा है।
सरकारी योजनाओं के तहत कम लागत में पक्के शौचालयों का निर्माण होने लगा है। वहीं कई स्वयंसेवी संगठन भी देश में इस विषय पर कार्य कर रहे हैं। म.प्र. सरकार भी इस दिशा में सराहनीय पहल कर रही है। सरकारी अनुदान से शैचालयों का निर्माण किया जा रहा है। इसी वर्ष प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के कोनेकोने में समग्र स्वच्छता अभियान का अलख जगाकर लोगों को स्वच्छता की ओर अग्रसर किया।खुद मुख्यमंत्री ने गाँवो में झाडू लगाकर संदेश पहुँचाया कि स्वच्छ गाँवों से ही स्वच्छ मध्यप्रदेश का निर्माण हो सकता है।
वे सप्ताह में एक दिन प्रदेश के किसी भी गाँव में गए और वहाँ समग्र स्वच्छता का संदेश दिया। म.प्र.जन अभियान परिषद्‌ द्वारा गठित प्रस्फुटन समितियां गांव गांव में समग्र स्वच्छता अभियान पर कार्यरत हैं। घर, गली, मोहल्ला, सार्वजनिक स्थल से लेकर नालियों की साफसफाई का कार्य प्रस्फुटन समितियों ने अपने हाथ में लिया। शौचालयों का निर्माण करवा कर ग्रामीणों की खुले में शौच करने की व्यवस्था को कम किया है।
इसी का नतीजा है कि इस वर्ष ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियो की प्रेरणा से ३४,८३४ शौचालयों का निर्माण हो चुका है। जिनमें कुछ सहयोग सरकार का है तो कुछ लोगों का है। समिति की प्रेरणा व विगत एक वर्ष के निरन्तर प्रयासों से प्रदेश के कई गाँव पूर्णतः स्वच्छ ग्राम व पूर्णतः शौचालय युक्त गाँव बन गये हैं। छतरपुर जिले के विकासखण्ड राजनगर के चयनित प्रस्फुटन ग्रामों में ग्राम टौरियाटेक में समग्र स्वच्छता अभियान के अंतर्गत प्रस्फुटन समिति एवं म.प्र. जन अभियान परिषद्‌ के प्रयास से ग्राम में १४० शौचालयों का निर्माण कराया गया। वर्तमान में टौरियाटेक निर्मल ग्राम की श्रेणी में आ चुका है। स्वच्छता से संबंधित अन्य कार्यों में श्रमदान द्वारा सार्वजनिक स्थानों की सफाई की जाती है जिसमें लगभग ३०४० ग्रामीण प्रत्येक ग्राम में श्रमदान करते हैं।
ग्राम जमुनया में तालाब के आसपास की सफाई में लगभग ४० ग्रामीणों ने भाग लिया। चयनित १० प्रस्फुटन ग्रामों में श्रमदान से सार्वजनिक स्थानों के आसपास की सफाई में लगभग २०२ ग्रामीणों ने भाग लिया। इसी तरह विकासखण्ड ईशानगर के १ ग्राम में समग्र स्वच्छता कार्यक्रम अंतर्गत १४१ शौचालयों का निर्माण कराया गया तथा ग्राम को निर्मल ग्राम बनाया। प्रस्फुटन समितियों के प्रयास से प्रदेश में १५,३५३ सोख्ता गड्ढों का निर्माण किया गया। स्वच्छता को लेकर प्रस्फुटन समितियों के सराहनीय प्रयासों के सकारात्मक परिणाम इस बात का संकेत है कि अपने गाँव को स्वच्छ रखने के संस्कार विकसित हो रहे हैं। आज आवश्यकता इसी बात की है कि लोग खुद जनभागीदारी और जन सहयोग से अपने घर को, अपने गाँव को और अपने शहर को स्वच्छ बनाए और प्रदेश में एक स्वच्छ वातावरण बना स्वच्छ प्रदेश का निर्माण करें।


क्रं. संभाग के नाम शौचालयों का निर्माण सोख्ते गड्ढों का निर्माण
1. सागर संभाग 5746 6272
2. रीवा संभाग 4088 863
3. ग्वालियर संभाग 2960 1689
4. उज्जैन संभाग 7303 2465
5. जबलपुर संभाग 4259 2073
6. भोपाल संभाग 2773 774
7. इन्दौर संभाग 7669 1217
महायोग 34834 15353


 
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